दिल्ली में अब रातभर होगी सफाई, सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की स्वच्छता व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने और शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बेहद ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है। दिल्ली की सूरत बदलने के लिए अब राजधानी में दिन के समय होने वाली सामान्य सफाई के साथ-साथ रात के वक्त भी सड़कों, बाजारों और प्रमुख चौराहों की विशेष सफाई की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासनिक अधिकारियों और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक के दौरान यह सख्त निर्देश जारी किया है कि शहर को चमकाने के लिए नाइट शिफ्ट में सैनिटेशन ड्राइव चलाई जाएगी ताकि सुबह सवेरे जब दिल्ली की जनता जागे, तो उसे हर तरफ साफ-सुथरा और खुशनुमा माहौल मिले। इस नई और आधुनिक व्यवस्था के तहत सभी जोन के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है और दोटूक शब्दों में चेतावनी दी गई है कि सफाई कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी अधिकारी या सफाई कर्मचारी की तरफ से कार्य में लापरवाही पाई जाती है, तो उस पर तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इस बड़े फैसले से उम्मीद जताई जा रही है कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को एक स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ दिल्ली देखने को मिलेगी।
नाइट शिफ्ट सफाई अभियान का खाका और सड़कों पर उतरेंगी विशेष मशीनें
मुख्यमंत्री के इस नए निर्देश के बाद दिल्ली के सभी इलाकों में सफाई व्यवस्था को दोहरी रफ्तार देने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। सामान्य तौर पर सफाई कर्मचारी दिन के समय काम करते हैं जब सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव, ट्रैफिक जाम और लोगों की आवाजाही की वजह से कचरा उठाने और सड़कों की धुलाई करने में काफी दिक्कतें आती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अब रात दस बजे से लेकर सुबह भोर तक का समय नाइट शिफ्ट सफाई के लिए पूरी तरह निर्धारित कर दिया गया है। इस दौरान शहर के व्यस्त बाजारों, कमर्शियल हब, आउटर रिंग रोड, मुख्य मार्गों और प्रमुख रिहायशी इलाकों के आसपास आधुनिक मशीनों, मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों और वाटर स्प्रिंकलर्स के जरिए व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाया जाएगा। रात के वक्त ट्रैफिक न होने के कारण सड़कों के कोने-कोने से धूल, मिट्टी और कचरे को पूरी तरह साफ करना बेहद आसान होगा, जिससे न केवल शहर की स्वच्छता में सुधार होगा बल्कि हवा में उड़ने वाले धूल कणों की मात्रा में भी भारी कमी आएगी।
कूड़ा प्रबंधन और कचरा डंपिंग साइट्स पर पैनी नजर, अधिकारियों को जवाबदेही तय
केवल सड़कों की झाड़ू लगाने तक ही नहीं, बल्कि इस नाइट शिफ्ट अभियान के तहत कूड़ा प्रबंधन की पूरी श्रृंखला को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, रात के समय निकलने वाले कचरे के उठान के लिए विशेष गाड़ियां तय समय पर कॉलोनियों में पहुंचेंगी ताकि कोई भी व्यक्ति सुबह के वक्त सड़कों पर कचरा न फेंके। इसके साथ ही लैंडफिल साइट्स और कचरा ट्रांसफर स्टेशनों पर भी रात के वक्त कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है ताकि कचरे के ढेर जमा न होने पाएं। संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद मैदान में उतरकर नाइट सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण करें और अपनी रिपोर्ट सीधे शासन को सौंपें। सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि फाइलों में कागजी कार्रवाई दिखाने के बजाय अब जमीनी स्तर पर वास्तविक परिणाम दिखने चाहिए, तभी दिल्ली को कचमुक्त और सुंदर वैश्विक राजधानी बनाया जा सकता है।
लापरवाही बरतने वालों पर गिरेगी गाज, सीएम की दोटूक चेतावनी
प्रशासनिक सुस्ती और काम में हीलाहवाली को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूरी तरह सख्त और जीरो टॉलरेंस का रुख अपना लिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि दिल्ली की स्वच्छता और नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा। औचक निरीक्षण के दौरान यदि किसी इलाके में गंदगी के ढेर मिले या सफाई कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, तो संबंधित जोन के अधिकारी पर गा गिरना तय है। सरकार के इस कड़े तेवर के बाद से निगम अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है और वे पूरी मुस्तैदी के साथ नई व्यवस्था को जमीन पर उतारने में जुट गए हैं। सरकार ने जनता से भी यह अपील की है कि वे इस स्वच्छता अभियान में अपना पूरा सहयोग दें और कचरे को केवल तय डस्टबिन या निगम की गाड़ी में ही डालें, ताकि दिल्ली को देश का सबसे साफ और आधुनिक शहर बनाया जा सके।
राजधानीवासियों ने सराहा फैसला, एक स्वच्छ और सुंदर दिल्ली की उम्मीद
मुख्यमंत्री के इस साहसिक और जनहितैषी कदम का दिल्ली के नागरिकों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने दिल से स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि रात के समय सफाई होने से दिन में लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और शहर सुबह के समय पूरी तरह साफ-सुथरा नजर आएगा। लंबे समय से राजधानी के लोग खराब सफाई व्यवस्था और सड़कों पर बिखरे कचरे से परेशान थे, लेकिन इस नए और व्यापक एक्शन प्लान से एक सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि इस नाइट सफाई अभियान का क्रियान्वयन इसी सख्ती और ईमानदारी के साथ जारी रहा, तो आने वाले दिनों में दिल्ली का स्वच्छता रैंकिंग में ग्राफ काफी ऊपर जाएगा और लोगों को एक प्रदूषण-मुक्त तथा स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा।