"डंडे का जवाब बांसुरी से...": राहुल गांधी के सामने रो पड़ीं छात्राएं, पुलिस बर्बरता की दास्तान सुन कांप उठेगी रूह
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित पुलिस बर्बरता के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली में एक तीखी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल गांधी अपने साथ उन पीड़ित छात्र-छात्राओं को लेकर मीडिया के सामने आए, जिन्हें पुलिस हिरासत में गंभीर रूप से पीटने के आरोप हैं।
इस दौरान राहुल गांधी ने विरोध के एक अनोखे और प्रतीकात्मक अंदाज में बांसुरी वादक समर को पेश किया, जिन्होंने मंच से 'वैष्णव जन तो तेने कहिए' भजन की धुन बजाकर शांति का संदेश दिया। राहुल ने व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ता के डंडे का जवाब अहिंसा और सुरों से दिया जाएगा, साथ ही उन्होंने पुलिसिया दमन को लोकतंत्र की आवाज दबाने की साजिश करार दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद बांसुरी वादक समर ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उन्हें 5 अक्टूबर और फिर 11 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था, जहां सादे कपड़ों में मौजूद कर्मियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। समर ने आरोप लगाया कि दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े लोगों ने शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों को लाठी-डंडों से डराया और पुलिस ने उल्टे प्रदर्शनकारियों को ही उठा लिया, जिनमें करीब 15 महिलाएं भी शामिल थीं। इसके अलावा उनके मोबाइल फोन छीनकर जबरन फॉर्मेट कर दिए गए ताकि कोई सबूत न बचे। वहीं, मंच पर मौजूद एनएसयूआई की एक महिला पदाधिकारी ने कनॉट प्लेस थाने में सादे कपड़ों में मौजूद महिला पुलिसकर्मियों द्वारा कमरा नंबर 107 में बंद कर घसीटने और बर्बर पिटाई के आरोप लगाए, जिससे उनके पूरे शरीर पर गहरे नीले निशान पड़ गए। राहुल गांधी ने इस महिला कार्यकर्ता को 'शेरनी' बताते हुए हौसला बढ़ाया। इसी क्रम में केरल की एक अन्य छात्रा ने रुंधे गले से आरोप लगाया कि हिरासत में उसके सिर और कान पर इस कदर वार किए गए कि उसके एक कान से सुनाई देना हमेशा के लिए बंद हो गया है।