15 दिसंबर से फॉग सीजन, लेकिन इस बार फ्लाइट लेट भी हुई तो नो टेंशन!
सर्दियों की दस्तक के साथ ही उत्तरी और मध्य भारत में कोहरे (Fog) का प्रकोप बढ़ना शुरू हो जाता है, जिससे हर साल हवाई यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बार भी 15 दिसंबर से आधिकारिक तौर पर फॉग सीजन (Fog Season) की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन इस साल हवाई यात्रियों के लिए एक बहुत ही राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। नागर विमानन मंत्रालय, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और देश के प्रमुख हवाई अड्डों के ऑपरेटरों ने मिलकर एक ऐसा आधुनिक और फुलप्रूफ मास्टरप्लान तैयार किया है, जिससे फ्लाइट्स लेट होने पर भी यात्रियों को किसी भी तरह का तनाव नहीं लेना पड़ेगा।
विमानन कंपनियों ने इस बार कोहरे से निपटने के लिए तकनीक, एडवांस्ड कैट-3 (CAT III) नेविगेशन सिस्टम और यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े नए प्रोटोकॉल लागू किए हैं। आमतौर पर 15 दिसंबर से जनवरी के अंत तक दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, लखनऊ का चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डा, जयपुर, अमृतसर और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख हवाई अड्डे घने कोहरे की चपेट में रहते हैं, जिससे शून्य दृश्यता (Zero Visibility) के कारण दर्जनों उड़ानों को रद्द या डायवर्ट करना पड़ता था। हालांकि, इस सीजन के लिए नागर विमानन प्राधिकरण ने पहले ही सभी एयरलाइंस कंपनियों को सख्त दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं कि वे केवल कैट-3 ट्रेंड पायलटों (CAT III Trained Pilots) को ही कोहरे से प्रभावित रूटों पर तैनात करें, ताकि उड़ानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ बिना किसी रुकावट के हो सके।
फॉग सीजन के लिए एयरलाइंस का नया टेक-ऑफ प्लान: यात्रियों को मिलेगी रियल-टाइम लोकेशन, मुफ्त रिफंड और बिना किसी एक्सट्रा चार्ज के री-शेड्यूलिंग की सुविधा!
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार AEO और AI-आधारित पैसेंजर असिस्टेंस सिस्टम की शुरुआत की गई है। यदि कोहरे या खराब मौसम के कारण कोई उड़ान 30 मिनट से अधिक देरी से होती है, तो एयरलाइंस कंपनियों को यात्रियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप पर तुरंत रियल-टाइम अपडेट भेजना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि यदि किसी उड़ान में कोहरे की वजह से अत्यधिक देरी होती है या उसे रद्द किया जाता है, तो यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क (No Extra Charge) के अपनी यात्रा को री-शेड्यूल कर सकते हैं या फिर 100% पूरा रिफंड पा सकते हैं।
हवाई अड्डों पर फंसे यात्रियों के लिए स्पेशल वेटिंग लाउंज, पर्याप्त खान-पान और री-बुकिंग काउंटरों की संख्या बढ़ाने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। दिल्ली के पालम और आईजीआई एयरपोर्ट पर कैट-3बी (CAT IIIB) लैंडिंग सिस्टम को पूरी तरह से अपग्रेड कर दिया गया है, जिससे महज 50 मीटर की दृश्यता में भी विमान आसानी से रनवे पर उतर सकेंगे। इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट और अकासा एयर जैसी प्रमुख विमानन कंपनियों ने अपने सभी नाइट और अर्ली मॉर्निंग क्रू को विशेष फॉग सिम्युलेटर ट्रेनिंग दी है। इस नए और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बाद यह साफ है कि 15 दिसंबर से शुरू हो रहे इस फॉग सीजन में हवाई यात्रियों का सफर पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित, सुगम और तनावमुक्त रहने वाला है।