6G से लेकर सैटेलाइट नेटवर्क तक! दिल्ली में शुरू हुआ एशिया का सबसे बड़ा टेक महाकुंभ, बदल जाएगी आपकी दुनिया
देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में दूरसंचार और अत्याधुनिक तकनीक का सबसे बड़ा महाकुंभ ‘इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026’ (IMC 2026) बुधवार, 7 अक्टूबर से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। दूरसंचार विभाग (DoT) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) की संयुक्त मेजबानी में आयोजित हो रहे इस चार दिवसीय मेगा इवेंट का यह ऐतिहासिक 10वां संस्करण है, जो 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस वर्ष एक्सपो का मुख्य विषय ‘Scale Without Boundaries’ रखा गया है, जिसका सीधा लक्ष्य सीमाओं की बंदिशों से परे जाकर नवाचार और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर विस्तार देना है।
इस साल के आयोजन का मुख्य केंद्रबिंदु अगली पीढ़ी की संचार क्रांति यानी 6G तकनीक, जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 5G एडवांस, डायरेक्ट-टू-डिवाइस सैटेलाइट कनेक्टिविटी और आधुनिक साइबर सुरक्षा व्यवस्था है। इनके अलावा भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां सेमीकंडक्टर चिप डिजाइनिंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, स्मार्ट मोबिलिटी और नेक्स्ट-जेन डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अपने नवीनतम उत्पादों का जीवंत प्रदर्शन कर रही हैं। एक्सपो में वैश्विक तकनीकी दिग्गजों और नीति निर्माताओं का जमावड़ा लगा हुआ है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि आने वाले दशक में मोबाइल ब्रॉडबैंड और क्लाउड कंप्यूटिंग की दिशा क्या होगी।
भारत को 6G के वैश्विक मानक तय करने वाले अग्रणी देशों में खड़ा करने के लिए इस बार विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। यहां एआई-संचालित ऑटोनॉमस नेटवर्क्स के प्रोटोटाइप पेश किए गए हैं, जो डेटा ट्रैफिक के अनुसार अपनी बैंडविड्थ और क्षमता को रियल-टाइम में खुद-ब-खुद अनुकूलित कर सकते हैं। इसके साथ ही सैटेलाइट-टू-सेल्युलर तकनीक पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, ताकि हिमालयी, तटीय और दूरदराज के उन ग्रामीण क्षेत्रों में भी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी पहुंचाई जा सके जहां पारंपरिक ऑप्टिकल फाइबर या मोबाइल टॉवर लगाना भौगोलिक रूप से कठिन है।
डिजिटल सेवाओं के तीव्र विस्तार के साथ बढ़ रहे ऑनलाइन खतरों को देखते हुए डेटा प्राइवेसी, फाइनेंशियल फ्रॉड और स्पैम कॉल्स पर नकेल कसने के लिए नए सुरक्षा ढांचों पर भी गहन मंथन चल रहा है। इस मंच पर डीपफेक और एआई के दुरुपयोग को रोकने वाले कड़े तकनीकी प्रोटोकॉल पर चर्चा हो रही है। आयोजन में देश के होनहार टेक स्टार्टअप्स के लिए विशेष पिचिंग प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं, जिससे वे क्वांटम टेक और घरेलू स्तर पर विकसित स्वदेशी हार्डवेयर सॉल्यूशंस के जरिए ग्लोबल वेंचर कैपिटलिस्ट्स से सीधा निवेश हासिल कर सकें।