Gold Price Update : सोना 1900 रुपये और सस्ता, चांदी का भाव पहुंचा 2 लाख के करीब
भारतीय सर्राफा बाजार (Bullion Market) में पिछले कुछ हफ्तों से चल रही हलचल के बीच ग्राहकों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली और मिश्रित खबर सामने आई है, जिसने निवेशकों और आभूषण खरीदारों दोनों की धड़कनों को तेज कर दिया है। शादियों के सीजन और त्योहारी मांग के बीच जब लोग सोने की खरीदारी करने के लिए बाजारों का रुख कर रहे हैं, तो उन्हें कीमतों में एक बड़ा और राहत भरा बदलाव देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चल रहे उतार-चढ़ाव, अमेरिकी डॉलर के इंडेक्स में बदलाव, भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों के कारण कीमती धातुओं के दाम लगातार गोता लगा रहे हैं या नई छलांग लगा रहे हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के वायदा और हाजिर बाजारों में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ग्राहकों को लगभग 1900 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की भारी राहत मिली है। इसके विपरीत, सफेद धातु यानी चांदी की मांग में जो रॉकेट जैसी तेजी आई है, उसने सबको हैरान कर दिया है और चांदी का भाव अब इतिहास रचते हुए सीधे 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक आंकड़े के बिल्कुल करीब पहुंच गया है। इस अप्रत्याशित मूल्य परिवर्तन ने आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ बड़े कमोडिटी ट्रेडर्स के भी कान खड़े कर दिए हैं, जो हर रोज बाजार के उतार-चढ़ाव पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
सोने में आई बड़ी गिरावट, 1900 रुपये सस्ता हुआ पीला सोना
पिछले कई दिनों से रिकॉर्ड स्तर छू रहे सोने के दामों में आखिरकार निवेशकों के लिए मुनाफावसूली (Profit Booking) और वैश्विक दबाव के चलते एक तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है। देश भर के सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में लगभग 1900 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की जोरदार कमी आई है, जिससे उन मध्यम वर्गीय परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है जो बढ़े हुए दामों के कारण अपनी खरीदारी टाल रहे थे। जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड में सुधार और सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में थोड़ी नरमी आने के कारण यह करेक्शन देखने को मिला है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि सोने में आई यह गिरावट कोई स्थायी कमजोरी नहीं है, बल्कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह बाजार में दोबारा एंट्री करने का एक बहुत ही शानदार और सुनहरा मौका साबित हो सकता है। महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और लखनऊ में आभूषण विक्रेताओं का कहना है कि भाव कम होने के साथ ही दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही में अचानक उछाल आ गया है, और लोग हल्की गिरावट का फायदा उठाकर सोने के सिक्के, बार और ज्वैलरी की एडवांस बुकिंग कराने में लगे हुए हैं, ताकि आने वाले दिनों में यदि कीमतें फिर से उछलती हैं तो उन्हें इसका नुकसान न उठाना पड़े।
चांदी की रफ्तार बेकाबू, 2 लाख रुपये के जादुई आंकड़े की ओर कदम
दूसरी तरफ, यदि चांदी की बात की जाए तो इसकी चमक ने इस बार सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं और इसकी चाल ने निवेशकों को पूरी तरह हैरान कर दिया है। औद्योगिक मांग (Industrial Demand), सोलर पैनल निर्माण में बढ़ते उपयोग, इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक और वैश्विक स्तर पर चांदी के घटते भंडार के कारण पिछले कुछ महीनों में चांदी के भाव में जो तेजी आई है, उसने थमने का नाम नहीं लिया है। वर्तमान स्थिति यह है कि चांदी का भाव अब बढ़कर सीधे 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के जादुई और ऐतिहासिक आंकड़े के बिल्कुल करीब जा पहुंचा है। कुछ समय पहले तक जो चांदी आम आदमी की पहुंच में हुआ करती थी, वह अब निवेशकों के लिए सोने से भी ज्यादा आकर्षक और तेजी से रिटर्न देने वाली संपत्ति बन चुकी है। कमोडिटी मार्केट के एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि जिस प्रकार से वैश्विक आपूर्ति और मांग के बीच खाई चौड़ी हो रही है, आने वाले दिनों में चांदी इस मनोवैज्ञानिक स्तर को भी पार कर सकती है। यही वजह है कि निवेशक सोने के मुकाबले अब चांदी में बड़े पैमाने पर पैसा लगा रहे हैं, जिससे इसके दाम रोज नए रिकॉर्ड बना रहे हैं और बाजार में इसकी भारी शॉर्टेज भी महसूस की जाने लगी है।
सोना खरीदें या चांदी में निवेश करें? जानें बाजार विशेषज्ञों की राय
सोने और चांदी के दामों में इस तरह के विपरीत रुझान को देखते हुए आम निवेशकों और खरीदारों के मन में यह सवाल सबसे प्रमुखता से उठ रहा है कि मौजूदा समय में उनके लिए कौन सा विकल्प सबसे अधिक फायदेमंद रहेगा। वित्तीय सलाहकारों का सुझाव है कि बाजार के इस वोलेटाइल (Volatile) दौर में किसी भी धातु में एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय सिस्टेमेटिक तरीके से निवेश करना सबसे समझदारी भरा कदम होगा। यदि आपको पारिवारिक आयोजनों या शादियों के लिए सोने की जरूरत है, तो कीमतों में आई 1900 रुपये की यह मौजूदा गिरावट आपके लिए खरीदारी का एक बेहतरीन मौका है, क्योंकि मध्यम से लंबी अवधि में सोने के बुनियादी फंडामेंटल बेहद मजबूत बने हुए हैं। वहीं दूसरी ओर, यदि आपका उद्देश्य केवल निवेश करके उच्च रिटर्न प्राप्त करना है, तो चांदी में हो रही जबरदस्त तेजी और औद्योगिक उपयोगिता को देखते हुए पोर्टफोलियो का एक हिस्सा चांदी की तरफ डायवर्ट किया जा सकता है, हालांकि इसमें जोखिम भी थोड़ा अधिक हो सकता है। खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार से सोना या चांदी खरीदते समय हमेशा हॉलमार्क (Hallmark) और आईएसआई (ISI) मानकों की जांच अवश्य करें और प्रतिष्ठित ज्वैलर्स से ही पक्का बिल लें ताकि शुद्धता को लेकर किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की गुंजाइश न बचे।