कोलकाता भगदड़ के बाद हाई अलर्ट: पूजा पंडालों में तैनात होंगे मेडिकल अफसर, डॉक्टरों व IAS अफसरों की छुट्टियां रद्द

कोलकाता भगदड़ के बाद हाई अलर्ट: पूजा पंडालों में तैनात होंगे मेडिकल अफसर, डॉक्टरों व IAS अफसरों की छुट्टियां रद्द

उत्तरी कोलकाता के मशहूर चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को बारिश के दौरान मची भीषण भगदड़ में 19 लोगों की जान जाने और 25 अन्य के घायल होने की हृदयविदारक घटना के बाद पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। दुर्गा पूजा के शेष दिनों में उमड़ने वाले भारी जनसैलाब को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने युद्धस्तर पर नई व्यवस्थाएं लागू कर दी हैं। राज्य सरकार ने किसी भी तरह की संभावित आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सभी स्वीकृत छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। इतना ही नहीं, छुट्टी पर गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को भी तुरंत काम पर लौटने का कड़ा फरमान जारी किया गया है।

पूजा उत्सव के चरम दिनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और त्वरित प्राथमिक उपचार के लिए राजधानी कोलकाता के पांच सबसे भीड़भाड़ वाले पंडालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीमें तैनात की जा रही हैं। जारी आधिकारिक रोस्टर के अनुसार 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर (दशमी विसर्जन) तक रोजाना शाम 5 बजे से लेकर अगली सुबह 6 बजे तक मेडिकल ऑफिसर और असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर के वरिष्ठ डॉक्टर सीधे ग्राउंड पर मोर्चा संभालेंगे। इस योजना के तहत संतोष मित्रा स्क्वायर पंडाल का जिम्मा एनआरएस मेडिकल कॉलेज को सौंपा गया है, जबकि ताला प्रत्तॉय की निगरानी आरजी कर मेडिकल कॉलेज की टीम करेगी। कॉलेज स्क्वायर में मेडिकल कॉलेज कोलकाता, एकडालिया एवरग्रीन में नेशनल मेडिकल कॉलेज और चेतला अग्रणी पंडाल में एसएसकेएम अस्पताल के डॉक्टरों का दल तैनात रहेगा।

मैदानी तैनाती के साथ-साथ कोलकाता और आसपास के सभी सरकारी और प्रमुख रेफरल अस्पतालों को अपनी इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे फुल अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में ट्रॉमा और गंभीर चोटों से निपटने के लिए ऑर्थोपेडिक सर्जन, न्यूरोसर्जन और एनेस्थेटिस्ट की अनिवार्य ऑन-कॉल मौजूदगी तय की गई है ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में बिना वक्त गंवाए तुरंत सर्जरी की जा सके। यह फैसला त्योहार के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए जीरो-रिस्पॉन्स टाइम सुनिश्चित करने के मकसद से लिया गया है।

इस बीच उत्तर 24 परगना जिले के स्वास्थ्य प्रशासन को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि दक्षिणेश्वर काली मंदिर परिसर और भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित टाकी में इचामती नदी किनारे विसर्जन के वक्त भारी संख्या में लोग जुटते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि इस आपातकालीन व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आदेश की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों पर निलंबन या सेवा समाप्ति (बर्खास्तगी) जैसी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।