राधा-कृष्ण मंदिर से निकली कलश यात्रा, मुख्य चुनाव आयुक्त के घर सुंदरकांड; जानिए 28 सितंबर के हंगामे के बाद क्या हुआ
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के विजय नगर स्थित पैतृक घर पर हालिया हंगामे के बाद मंगलवार को माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा के सहयोग से यहां विशेष शुद्धिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्थानीय राधा-कृष्ण मंदिर से पीले वस्त्र पहने महिलाओं ने पारंपरिक कलश यात्रा निकाली। शंखनाद और घंटे-घड़ियाल की गूंज के साथ यह यात्रा जब सीईसी के आवास पहुंची, तो उनकी माता सत्यवती ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगाजल का छिड़काव कर पूरे परिसर को शुद्ध किया। इसके तुरंत बाद घर के बाहर सुंदरकांड का सस्वर पाठ शुरू हुआ, जिसमें परिवार के सदस्यों, समाज के पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
घर की इस आध्यात्मिक शुद्धि पर बात करते हुए सीईसी की मां सत्यवती ने भावुक होकर कहा कि 28 सितंबर को कुछ उपद्रवियों ने घर के बाहर पहुंचकर मर्यादाएं तोड़ी थीं और परिसर को अपवित्र किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन किसी बदले की भावना से नहीं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा, शुद्धि और शांति बहाल करने के लिए किया गया है। वहीं सीईसी के पिता डॉ. सुबोध कुमार गुप्ता ने सीधे तौर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पिछले प्रदर्शन को अराजकता करार दिया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को जानबूझकर राजनीतिक साजिश के तहत निशाना बनाया गया, लेकिन सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता। इसी वजह से झूठ के सामने सच को स्थापित करने और घर की शुद्धि के लिए यह धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की संयोजक उपमा गुप्ता और महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश मामा ने बताया कि इस अनुष्ठान का मकसद घर के शुद्धिकरण के साथ-साथ परिवार के बुजुर्ग माता-पिता की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना करना भी था। इस मौके पर विनोद गुप्ता सर्राफ (गुरुजी) और मंडल अध्यक्ष विमल गुप्ता सहित पूरे वैश्य समाज के प्रमुख लोग मौजूद रहे। गौरतलब है कि ज्ञानेश कुमार के आवास पर कालिख पोतने और उग्र प्रदर्शन करने के आरोप में पुलिस ने कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में स्थानीय अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया।