अब मिनटों में पास होगा KCC लोन और तुरंत मिलेगा फसल बीमा का क्लेम, सरकार ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा
देशभर के अन्नदाताओं के लिए डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के मोर्चे से एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने 11 करोड़ किसानों की विशिष्ट फार्मर आईडी तैयार करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित समय सीमा से लगभग पांच महीने पहले ही हासिल कर लिया है। डिजिटल कृषि मिशन के तहत इस ऐतिहासिक आंकड़े को पूरा करने की अंतिम समय सीमा 31 मार्च 2027 मुकर्रर की गई थी, जिसे कृषि मंत्रालय ने 23 अक्टूबर 2026 को ही सफलतापूर्वक पूरा कर लिया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, एग्रीस्टैक (AgriStack) व्यवस्था के अंतर्गत विकसित की जा रही यह 14 अंकों की फार्मर आईडी किसानों की पहचान, उनके भू-अभिलेख और बोई गई फसलों के सटीक आंकड़ों को एक ही पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ती है। इसका प्राथमिक उद्देश्य कृषि से जुड़ी समस्त सरकारी सेवाओं को सुगम बनाना और बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने व कागजी औपचारिकताओं से किसानों को मुक्ति दिलाना है।
इस 14 अंकों की डिजिटल फार्मर आईडी से देश के किसानों को कई स्तरों पर क्रांतिकारी सहूलियतें मिलने जा रही हैं। सबसे पहले, पीएम किसान सम्मान निधि जैसी प्रमुख प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजनाओं में किसान की पात्रता और पहचान का सत्यापन चुटकियों में हो सकेगा, जिससे फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी।
दूसरा, बैंक शाखाओं में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और कृषि ऋण स्वीकृत कराने के दौरान कागजी दस्तावेजों की झंझट खत्म होगी और प्रक्रिया पारदर्शी व तेज बनेगी।
तीसरा, प्राकृतिक आपदा या मौसम की मार पड़ने पर फसल नुकसान का डिजिटल आकलन कर फसल बीमा (PMFBY) क्लेम और मुआवजा राशि बिना किसी देरी के सीधे खातों में पहुंचाई जा सकेगी।
चौथा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद के समय मंडियों में पंजीकरण व सत्यापन झंझटमुक्त होगा। पांचवां, सब्सिडी वाले खाद और प्रमाणित बीज के वितरण पर रियल-टाइम निगरानी रखी जा सकेगी ताकि वास्तविक जरूरतमंद किसानों तक सरकारी इमदाद पहुंचे। हालांकि, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ आईडी बनने से किसी योजना का लाभ खुद-ब-खुद नहीं मिलेगा, बल्कि किसान को उस विशिष्ट योजना की पात्रता शर्तें पूरी करना अनिवार्य रहेगा।