वोटर लिस्ट से कट गया नाम? चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, इन 7 राज्यों के नागरिकों को मिला आखिरी मौका
निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मसौदा सूची से बाहर किए गए नागरिकों को एक बड़ी राहत दी है। आयोग ने दिल्ली समेत महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नगालैंड में ऐसे पात्र मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवाने का एक और अवसर प्रदान किया है। यह विशेष छूट उन लोगों के लिए जारी की गई है, जिन्हें पहले गणना फॉर्म तो दिए गए थे, लेकिन बाद में सत्यापन के दौरान एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड या डुप्लीकेट (ASDD) श्रेणी में दर्ज कर उनका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था। 6 नवंबर को जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों में चुनाव आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पात्र मतदाता अपना भरा हुआ गणना फॉर्म सीधे निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) के पास जमा करवा सकते हैं।
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग ने मसौदा सूची से हटाए गए सभी नामों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने का भी फैसला किया है। इसके तहत हर मतदान केंद्र के अनुसार अलग-अलग सूचियां तैयार की जा रही हैं। इन सूचियों को संबंधित पोलिंग बूथों, ग्राम पंचायत भवनों और शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जाएगा। इसके साथ ही आम नागरिकों की सुविधा के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की आधिकारिक वेबसाइट्स पर सर्च और पढ़ने योग्य पीडीएफ प्रारूप में भी इन्हें अपलोड किया जा रहा है। इन सूचियों में स्पष्ट रूप से यह कारण भी दर्ज रहेगा कि संबंधित मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची से किस तकनीकी या भौतिक वजह से बाहर किया गया था।
न फॉर्म-8 का झंझट, न दफ्तरों के चक्कर! घर का पता बदलने वालों के लिए चुनाव आयोग की सबसे बड़ी राहत
प्रक्रिया को सुगम और समयबद्ध बनाने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला निर्वाचन अधिकारियों और ईआरओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने आधिकारिक ECINET डैशबोर्ड के जरिए प्रभावित मतदाताओं के लिए प्री-फिल्ड (पहले से भरे हुए) गणना फॉर्म जनरेट करें। बीएलओ इन मतदाताओं से सीधे संपर्क कर फॉर्म उनके घर तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा मतदाताओं की सुविधा के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर व्हाट्सऐप, एसएमएस या मेल के जरिए भी फॉर्म भेजा जाएगा। नागरिक चाहें तो निर्वाचन आयोग के पोर्टल या ईसीआईनेट मोबाइल ऐप पर जाकर अपने पुराने वोटर कार्ड नंबर (EPIC) की मदद से सीधे फॉर्म डाउनलोड भी कर सकते हैं।
जो मतदाता अभी भी अपने पुराने पते पर ही निवास कर रहे हैं और जिनका नाम गलती से कट गया था, उन्हें पूरी तरह भरा हुआ व हस्ताक्षरित गणना फॉर्म जमा करना होगा। इसके साथ एक संक्षिप्त लिखित विवरण देना होगा कि वे पूर्व में तय समय पर फॉर्म क्यों नहीं दे पाए थे। यह दस्तावेज संबंधित व्यक्ति स्वयं या अपने परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से बीएलओ या ईआरओ कार्यालय में जमा करा सकता है, अथवा ECINET पोर्टल पर ई-साइन सुविधा का उपयोग कर ऑनलाइन भी सबमिट किया जा सकता है। वहीं, जिन लोगों ने संबंधित राज्य के भीतर ही अपना आवास बदल लिया है, उन्हें फॉर्म-8 भरने की अलग से आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मतदाता अपने नए निवास प्रमाण पत्र और नए विधानसभा क्षेत्र के विवरण के साथ गणना फॉर्म सीधे ईआरओ या एईआरओ कार्यालय में जमा कर अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम सुरक्षित करवा सकते हैं।