नाकाम हुई पाकिस्तान की नापाक साजिश, ISI का मोहरा कुलवंत अली फरीदाबाद से अरेस्‍ट

नाकाम हुई पाकिस्तान की नापाक साजिश, ISI का मोहरा कुलवंत अली फरीदाबाद से अरेस्‍ट

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया तंत्र ने देश की राजधानी दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में एक बहुत बड़े आतंकी और जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के एक बेहद खतरनाक मोहरे को धर दबोचा है। हरियाणा के औद्योगिक शहर फरीदाबाद (Faridabad) से गिरफ्तार किए गए इस संदिग्ध जासूस की पहचान कुलवंत अली के रूप में हुई है, जो पिछले काफी समय से भारतीय सैन्य ठिकानों, सामरिक महत्व की गोपनीय जानकारियों और रणनीतिक स्थानों की रेकी करके उन्हें पाकिस्तान स्थित अपने आकाओं को भेज रहा था। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद से देश भर के सुरक्षा तंत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इस सनसनीखेज गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान भारत के खिलाफ अपनी नापाक हरकतों और छद्म युद्ध (Proxy War) से बाज आने वाला नहीं है।

हनीट्रॉप और सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया था कुलवंत अली

खुफिया एजेंसियों की शुरुआती पूछताछ और तफ्तीश में जो चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, वे बेहद डरावने हैं। आरोपी कुलवंत अली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के ट्रेंड हैंडलर्स के सीधे संपर्क में आया था। पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों ने पहले उसे हनीट्रॉप (Honeytrap) और पैसों का लालच दिया, जिसके बाद वह देशद्रोह के रास्ते पर चल पड़ा। कुलवंत अली ने अपनी पहचान छुपाकर भारतीय सेना के जवानों, छावनियों के मूवमेंट, रेलवे स्टेशनों और एनसीआर क्षेत्र की महत्वपूर्ण रणनीतिक इमारतों की हाई-प्रोफाइल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की थी। इसके बाद वह एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए इन गोपनीय जानकारियों को सीमा पार बैठे अपने हैंडलर्स को लगातार ट्रांसफर कर रहा था।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और सामरिक ठिकानों पर मंडरा रहा था बड़ा खतरा

फरीदाबाद और दिल्ली-एनसीआर का यह इलाका हमेशा से विदेशी खुफिया एजेंसियों और राष्ट्रविरोधी तत्वों के निशाने पर रहा है। कुलवंत अली की गिरफ्तारी से इस बात का खुलासा हुआ है कि वह किसी बड़े आतंकी षड्यंत्र को अंजाम देने के लिए स्थानीय स्तर पर स्लीपर सेल (Sleeper Cells) तैयार करने की फिराक में था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में कई ऐसे अहम सुराग दिए हैं जिनसे यह पता चलता है कि उसके संपर्क में देश के अन्य राज्यों के कुछ और संदिग्ध लोग भी जुड़े हो सकते हैं। सुरक्षा बलों की कई टीमें अब उसके पुराने कॉल रिकॉर्ड्स, बैंक खातों के ट्रांजैक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट्स की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि इस बड़े जासूसी नेटवर्क के बाकी प्यादों को भी जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके।

देश भर में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर, सीमा पार से चलाए जा रहे नापाक षड्यंत्रों का हो रहा है खुलासा

पुलवामा और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से भारतीय सुरक्षा बलों ने देश के भीतर छिपे देशद्रोहियों और आईएसआई के एजेंटों के खिलाफ विशेष अभियान छेड़ रखा है। पिछले कुछ महीनों में देश के अलग-अलग राज्यों से कई ऐसे जासूसों को गिरफ्तार किया गया है जो सेना की गोपनीय सूचनाएं लीक करने में लिप्त थे। कुलवंत अली की गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि भारत विरोधी ताकतें अब सीधे हमलों के बजाय आंतरिक सुरक्षा को भेदने के लिए स्थानीय नागरिकों को मोहरा बनाने की कायराना रणनीति पर काम कर रही हैं। हालांकि, भारत की चौकस खुफिया एजेंसियों ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का परिचय देते हुए पाकिस्तान की इस नापाक साजिश को समय रहते पूरी तरह से विफल कर दिया है।

आने वाले दिनों में हो सकते हैं और भी बड़े खुलासे, कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी पुलिस

फरीदाबाद पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां संयुक्त रूप से कुलवंत अली को अदालत में पेश करके उसकी लंबी पुलिस रिमांड की मांग करेंगी, ताकि उसके पूरे नेटवर्क और विदेशी संपर्कों की तह तक पहुंचा जा सके। देश की सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले में आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। आम नागरिकों और देशवासियों की सतर्कता तथा खुफिया तंत्र की मुस्तैदी के चलते एक बार फिर देश की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता सुरक्षित रही है, जो यह संदेश देती है कि भारत की तरफ आँख उठाने वाले हर नापाक मंसूबे को सेना और सुरक्षा बल मिट्टी में मिलाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।