PM मोदी पर खड़गे की 'बाप' वाली टिप्पणी पर सियासी घमासान: BJP का देशव्यापी विरोध आज, बचाव में उतरी सपा

PM मोदी पर खड़गे की 'बाप' वाली टिप्पणी पर सियासी घमासान: BJP का देशव्यापी विरोध आज, बचाव में उतरी सपा

नई दिल्ली से लेकर राज्यों की राजधानियों तक सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई 'बाप' वाली टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने आर-पार की जंग छेड़ दी है। इस बयान के खिलाफ भाजपा सोमवार को देशभर में कांग्रेस दफ्तरों के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी में है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस बयान को बेहद शर्मनाक, अपमानजनक और भारतीय लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग की है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खड़गे के बयान पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष की तरफ से लगातार ऐसी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। शाह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से लगातार मिल रही चुनावी हार से हताश होकर कांग्रेस के नेता मर्यादा की सारी हदें लांघ रहे हैं। वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनावी पराजय ने कांग्रेस को इस कदर विचलित कर दिया है कि उसके शीर्ष नेता स्तरहीन बयानों पर उतर आए हैं। चौहान ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार है? कांग्रेस को या तो उन्हें हटाना चाहिए या पूरे देश को इसका जवाब देना चाहिए।

भाजपा के कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और सांसदों ने भी एक सुर में खड़गे के बयान की निंदा करते हुए उनके इस्तीफे और माफी की मांग तेज कर दी है। दूसरी तरफ, बढ़ते विवाद के बीच कांग्रेस और उसके 'इंडिया' गठबंधन के सहयोगी दलों ने खड़गे का बचाव किया है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा के नेता लगातार विपक्ष के शीर्ष नेताओं का अपमान करते हैं, जिससे यह नौबत आई।

गठबंधन में शामिल समाजवादी पार्टी भी खड़गे के समर्थन में सामने आई है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बयान जारी कर कहा कि खड़गे ने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने या परिवार पर व्यक्तिगत आक्षेप लगाने के इरादे से यह बात नहीं कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि खड़गे जी की मूल भाषा हिंदी नहीं है, जिससे कई बार शब्दों के चयन में अर्थ का अनर्थ हो जाता है और वे पहले भी ऐसी बातों पर सफाई दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों का विरोध करना विपक्ष का अधिकार है और इसे अनावश्यक तूल नहीं दिया जाना चाहिए।