गैरसैंण में BJP का सीक्रेट प्लान या कांग्रेस का चक्रव्यूह, जानिए आखिरी सत्र में क्यों मचेगा सबसे बड़ा घमासान
उत्तराखंड के चमोली जनपद की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में मंगलवार से मौजूदा सरकार का आखिरी विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है, जिसे लेकर सियासी तापमान चरम पर पहुंच चुका है। आगामी विधानसभा इलेक्शन से ठीक पहले आयोजित हो रहे इस दो दिवसीय सत्र को दोनों ही प्रमुख दल शक्ति प्रदर्शन के मंच के तौर पर देख रहे हैं।
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने जहां सदन के भीतर जनहित के मुद्दों पर मंत्रियों को घेरने और बाहर सड़क पर विशाल विधानसभा घेराव की पूरी तैयारी कर ली है, वहीं सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी ने भी विपक्ष के हर राजनीतिक हमले की धार कुंद करने के लिए ठोस रक्षात्मक और आक्रामक व्यूहरचना तैयार की है।
सत्र से पूर्व राजनीतिक हलचल तेज करते हुए भाजपा संगठन ने अपने विधायकों और मंत्रियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश तय किए हैं। सोमवार को गैरसैंण में आयोजित भाजपा विधानमंडल दल की अहम बैठक में विधायकों को एकजुट होकर विपक्ष के हर आरोप का करारा जवाब देने का मंत्र दिया गया।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने साफ किया कि साढ़े चार वर्षों में डबल इंजन सरकार ने कई ऐतिहासिक विकास कार्य किए हैं, जबकि विपक्ष केवल भ्रामक नैरेटिव गढ़ने में जुटा है। ऐसे में सदन के भीतर मंत्रियों को पूरे होमवर्क और तथ्यों के साथ उतरने के निर्देश दिए गए हैं ताकि विपक्षी हमलों को आंकड़ों और उपलब्धियों के जरिए तुरंत बेअसर किया जा सके।
दूसरी ओर कांग्रेस इस आखिरी सत्र को सरकार की नाकामियों को जनता के सामने उजागर करने का सुनहरा अवसर मान रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी ने सड़क से लेकर सदन तक चौतरफा मोर्चा खोलने की रणनीति बनाई है। 27 अक्तूबर को पार्टी कार्यकर्ता गैरसैंण में विधानसभा का बड़ा घेराव करने उतरेंगे।
इस दौरान बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच, पीड़िता को पूर्ण न्याय, 'वोट बचाओ देश बचाओ' अभियान, मतदाता सूची पुनरीक्षण और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े हालिया विवाद के जरिए महिला सुरक्षा व कानून-व्यवस्था के मसले को पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा। कांग्रेस विधायक सदन में इन ज्वलंत सवालों पर सरकार को घेरेंगे, जिससे सत्र के दोनों दिन भारी हंगामेदार रहने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।