टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: अब तक 10 दबोचे गए; ट्रेनों से लाए गए हथियार, किस्तों में दी गई सुपारी!
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े हाई-प्रोफाइल फायरिंग मामले में पुलिस जांच एजेंसियों को एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज सफलता हाथ लगी है। मुम्बई पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमों ने दिन-रात एक करते हुए इस केस में अब तक कुल 10 संदिग्ध आरोपियों को धर दबोचा है। शुरुआती पुलिस जांच में बेहद चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं, जिनसे पता चलता है कि यह पूरी वारदात किसी आकस्मिक गुस्से का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसे महीनों की योजना के साथ बेहद शातिराना अंदाज में अंजाम दिया गया था। जांच में खुलासा हुआ है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार दूसरे राज्यों से बाकायदा ट्रेनों के जरिए मुम्बई लाए गए थे। इतना ही नहीं, पुलिस को यह भी पता चला है कि शूटरों को भाड़े की सुपारी की रकम एकमुश्त देने के बजाय किस्तों (Installments) में ट्रांसफर की गई थी ताकि किसी को शक न हो। इस पूरी साजिश के पीछे अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क और अंडरवर्ल्ड से जुड़े तारों की भी गहनता से जांच की जा रही है, जिससे पूरे बॉलीवुड गलियारे में दहशत और सनसनी का माहौल बना हुआ है।
ट्रेनों के जरिए मुम्बई पहुंची हथियारों की अवैध खेप और साजिश का बड़ा ताना-बाना
पुलिस की प्राथमिक पूछताछ और तकनीकी सर्विलांस से यह बात पूरी तरह साफ हो चुकी है कि आरोपियों ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की नजरों से बचने के लिए बेहद चालाकी भरा रास्ता चुना था। अत्याधुनिक पिस्टल और कारतूसों को उत्तर भारत और मध्य भारत के अलग-अलग राज्यों से साधारण सवारी गाड़ियों और एक्सप्रेस ट्रेनों के जरिए मुम्बई सीमा तक पहुंचाया गया था। आरोपियों ने हथियारों को बैगों के गुप्त खानों में छिपा रखा था ताकि रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग के दौरान वे आसानी से पकड़े न जा सकें। मुम्बई पहुंचने के बाद इन अवैध असलहों को स्थानीय संपर्कों और शूटरों को सौंपा गया था। पुलिस अब उन सभी ट्रेन रूटों और उन रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जहां से ये हथियार मुम्बई में दाखिल कराए गए थे, ताकि इस तस्करी नेटवर्क की पूरी श्रृंखला को बेनकाब किया जा सके।
किस्तों में ट्रांसफर की गई सुपारी की रकम, पुलिस को चकमा देने की शातिराना चाल
इस हाई-प्रोफाइल केस में सबसे चौंकाने वाला पहलू वित्तीय लेनदेन की मोडस ऑपरेंडी (Modus Operandi) को लेकर सामने आया है। साजिशकर्ताओं ने मुख्य शूटरों और उनके मददगारों को भाड़े की रकम एक साथ देने के बजाय अलग-अलग किस्तों में दी थी। पहली किस्त रेकी करने के लिए दी गई, दूसरी किस्त हथियार खरीदने और ठहरने के इंतजाम के लिए भेजी गई, जबकि बची हुई मुख्य रकम वारदात को अंजाम देने के बाद ट्रांसफर की जानी तय हुई थी। रकम का भुगतान करने के लिए डिजिटल वॉलेट, फर्जी नामों से खुले बैंक खातों और हवाला नेटवर्क का सहारा लिया गया था ताकि मुख्य मास्टरमाइंड तक पुलिस के हाथ आसानी से न पहुंच सकें। हालांकि, फॉरेंसिक वित्तीय विशेषज्ञों की मदद से मुम्बई पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ते हुए अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
मुम्बई पुलिस और क्राइम ब्रांच की ताबड़तोड़ छापेमारी, 10 दबोचे गए और कई हिरासत में
घटना की गंभीरता और सेलिब्रिटी सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामले को देखते हुए मुम्बई पुलिस कमिश्नर ने क्राइम ब्रांच की कई विशेष टीमों को काम पर लगाया था। इन टीमों ने मुम्बई, ठाणे, नवी मुम्बई और राज्य के बाहर कई संभावित ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। डिजिटल सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और स्थानीय गुप्तचरों से मिली ठोस जानकारी के आधार पर पुलिस ने अब तक कुल 10 प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रेकी करने वाले, हथियार सप्लाई करने वाले, ठिकाना देने वाले और वित्तीय मदद पहुंचाने वाले सभी तरह के मददगार शामिल हैं। पुलिस हिरासत में लेकर इन सभी से आमने-सामने बिठाकर गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरी साजिश के असली आका और मास्टरमाइंड का चेहरा बेनकाब किया जा सके।
बॉलीवुड में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता, पुलिस प्रशासन अलर्ट पर
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस के इस तरह परत-दर-परत खुलने के बाद पूरी फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं। मुम्बई पुलिस ने बांद्रा और जुहू समेत उन सभी इलाकों में सुरक्षा और गश्त बढ़ा दी है जहां बॉलीवुड के बड़े सितारे और मशहूर हस्तियां निवास करती हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी भी अपराधी या गिरोह को शहर की कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। फिलहाल, गिरफ्तार 10 आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जा रहा है ताकि इस साजिश में शामिल अन्य