मछुआरों को बचाने गई SDRF की 2 नावें उफनती झील में पलटीं, 10 जवान लापता होते ही दहल उठा तेलंगाना
तेलंगाना के खम्मम जिले से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है, जहां उफनती झील में जिंदगी की जंग लड़ रहे मछुआरों को सुरक्षित निकालने गई स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम खुद संकट में घिर गई। बुधवार शाम सथुपल्ली मंडल स्थित बेथुपल्ली झील (चेरुवु) में राहत अभियान के दौरान जवानों से भरी दो नावें तेज बहाव के चलते अचानक पलट गईं, जिससे करीब 10 जवान लापता हो गए। इस हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में बड़े पैमाने पर खोज अभियान शुरू किया गया।
आंध्र प्रदेश की सीमा से सटे खम्मम में चक्रवात 'मुरासु' के असर के चलते मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। घटना की सूचना मिलते ही खम्मम जिला कलेक्टर दिवाकर टीएस और पुलिस कमिश्नर सुनील दाथ खुद मौके पर पहुंचे और मोर्चे की कमान संभाली। तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि राहत टीमों ने पानी के तेज बहाव में फंसे जवानों की लोकेशन का पता लगा लिया है। उन्होंने राहत भरी खबर देते हुए साफ किया कि सभी जवान पास के एक इलाके में सुरक्षित पाए गए हैं और उन्हें किनारे तक लाने के लिए अंतिम चरण का ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों से पल-पल की जानकारी ली और जवानों को सुरक्षित निकालने के लिए पूरी ताकत झोंकने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव संजय जाजू को पूरे रेस्क्यू पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा गया है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार भी सक्रिय हो गई है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने बताया कि हालात को संभालने और जवानों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) को तुरंत तैनात कर दिया गया है, जो स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर युद्ध स्तर पर रेस्क्यू को अंजाम दे रही है।