मौसम का भयंकर तांडव: कल 24 सितंबर को 12 घंटे के भीतर देश के 19 राज्यों में टूटेगा बारिश का रिकॉर्ड
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, देश के मौसम का मिजाज एक बार फिर बेहद खतरनाक और डरावना होने जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 12 घंटों के भीतर देश के कुल 19 राज्यों में मूसलाधार बारिश, भयंकर वज्रपात (आकाशीय बिजली) और तेज आंधी-तूफान को लेकर एक हाई-अलर्ट जारी कर दिया है। मानसून की इस विदाई बेला में चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी ट्रफ लाइन के सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों तक मौसम का भयंकर रूप देखने को मिलेगा। कई इलाकों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से खतरनाक हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि कल 24 सितंबर को आपके अपने शहर और राज्य में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है, आईएमडी ने किन-किन राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है और इस आपदा से निपटने के लिए प्रशासन क्या तैयारियां कर रहा है।
दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में छाए रहेंगे काले बादल, झमाझम बारिश की चेतावनी
राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद) के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर तो है, लेकिन साथ ही सतर्क रहने की भी जरूरत है। मौसम विभाग का कहना है कि कल 24 सितंबर को सुबह से ही दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में घने काले बादल छाए रहेंगे और झमाझम बारिश का दौर शुरू हो सकता है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई जिलों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार हो रही इस बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे सुबह ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें और पेड़ों या कमजोर दीवारों के पास खड़े होने से पूरी तरह परहेज करें।
दक्षिण और पश्चिमी भारत में मानसून का विकराल रूप: महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल में हाई अलर्ट
देश के दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में मानसून एक बार फिर से बेहद आक्रामक रूप में दिखाई दे रहा है। महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे और कोंकण तटवर्ती इलाकों के साथ-साथ कर्नाटक, केरल, गोवा और तटीय आंध्र प्रदेश में अगले 12 घंटों के भीतर मूसलाधार बारिश का भयंकर दौर शुरू होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने इन तटीय राज्यों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी कर दिया है क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं और मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की कड़ी हिदायत दी गई है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी और घाट वाले क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslide) होने का खतरा भी काफी बढ़ गया है, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो सकता है। स्थानीय जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों (NDRF) को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्य चलाया जा सके।
पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में भी आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का तांडव
केवल उत्तर और दक्षिण ही नहीं, बल्कि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, असम, मेघालय और त्रिपुरा में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ने वाला है। इन राज्यों में मानसून के सक्रिय होने के कारण बादलों की आवाजाही तेज हो गई है और कुछ ही घंटों में झमाझम बारिश के साथ-साथ कई जगहों पर वज्रपात की भयंकर घटनाएं सामने आ सकती हैं। मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रख लें और खराब मौसम के दौरान खेतों या खुले मैदानों में बिल्कुल न जाएं। 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं पेड़ों और बिजली के तारों को उखाड़ सकती हैं, जिसके कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम विभाग (IMD) की आम जनता को विशेष सलाह और सुरक्षा के एहतियाती उपाय
मौसम विभाग के इस सुपर अलर्ट के बाद देश के तमाम राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों ने अपनी कमर कस ली है और लोगों से पूरी सावधानी बरतने की अपील की है। आईएमडी ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपने रूट की जानकारी अवश्य ले लें और मौसम से जुड़े ताजा अपडेट्स पर लगातार नजर बनाए रखें। विशेष तौर पर जलभराव वाले क्षेत्रों, कमजोर इमारतों और बिजली के ट्रांसफॉर्मर व खंभों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को घरों के अंदर ही सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। प्रकृति के इस भयंकर रूप के सामने एहतियात ही सबसे बड़ा बचाव है, इसलिए अगले 24 घंटों के दौरान मौसम के तेवर को देखते हुए पूरी तरह सतर्क और सावधान रहने की आवश्यकता है।