पुतले तैयार, लाखों खर्च... फिर भी नहीं मनेगा विजयदशमी पर्व! पंजाब के इस शहर ने शोक में लिया बड़ा फैसला

पुतले तैयार, लाखों खर्च... फिर भी नहीं मनेगा विजयदशमी पर्व! पंजाब के इस शहर ने शोक में लिया बड़ा फैसला

पंजाब के मानसा में चर्चित नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की नृशंस हत्या के बाद उपजे तनाव और गहरे शोक के चलते इस साल ऐतिहासिक दशहरा उत्सव को रद्द कर दिया गया है। शहर की 'नई दशहरा कमेटी' ने सर्वसम्मति से यह कड़ा निर्णय लेते हुए स्पष्ट किया है कि पूरे शहर में फैले मातम के बीच इस वर्ष विजय पर्व का कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। झोटा की हत्या के रोष में मानसा शहर में लगातार तीसरे दिन बाजार बंद रहे और सड़कों पर सन्नाटे के साथ तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

कमेटी के अध्यक्ष परवीन कुमार गोयल ने बताया कि दशहरा के पावन अवसर पर हर साल हजारों की भीड़ उमड़ती है, लेकिन वर्तमान संवेदनशील परिस्थितियों में ऐसा विशाल जमावड़ा सुरक्षा और जनभावना दोनों ही लिहाज से उचित नहीं है। प्रशासन भी जमीनी हालात को लेकर बेहद सतर्क और चिंतित है, क्योंकि किसी भी अप्रिय घटना या हंगामे की स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगड़ने का अंदेशा बना रहता। गोयल ने झोटा के सामाजिक योगदान को याद करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि वह युवाओं को बर्बादी से बचाने के लिए नशे के खिलाफ निस्वार्थ भाव से आवाज उठा रहे थे और किसी से उनका कोई व्यक्तिगत बैर नहीं था, ऐसे में उनकी असमय मौत से पूरे शहर का दिल टूटा है।

उत्सव की तैयारियों को लेकर कमेटी पहले ही करीब तीन लाख रुपये की धनराशि खर्च कर चुकी थी। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतले बनकर तैयार खड़े थे और साउंड, लाइट व टेंट से जुड़े सभी अग्रिम ऑर्डर भी दिए जा चुके थे, मगर सामाजिक संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए भारी आर्थिक नुकसान के बावजूद आयोजन को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया।

परंपरागत रूप से मानसा में दशहरा मेला नई अनाज मंडी में भरता रहा है, लेकिन इस बार बढ़ती भीड़ को देखते हुए सिरसा रोड स्थित 10 से 12 एकड़ के एक बड़े निजी मैदान को कार्यक्रम के लिए चिन्हित किया गया था। कमेटी ने साफ लफ्जों में कहा है कि यदि आगामी दिनों में हालात पूरी तरह सामान्य भी हो जाते हैं, तब भी इस निर्णय में कोई बदलाव नहीं होगा। कमेटी और शहरवासी इस बार दशहरे का दिन परविंदर सिंह झोटा की याद में सादगी, शांति और शोक के साथ गुजारेंगे।