1 जुलाई से हर महीने खाते में आएंगे ₹1000, दलित महिलाओं को मिलेंगे ₹1500, सीएम भगवंत मान का बड़ा ऐलान

1 जुलाई से हर महीने खाते में आएंगे ₹1000, दलित महिलाओं को मिलेंगे ₹1500, सीएम भगवंत मान का बड़ा ऐलान

पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने राज्य की महिलाओं को एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार, 2 जून को एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की है कि राज्य में आगामी 1 जुलाई से 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' को पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पंजाब की लगभग 52 लाख महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इसके साथ ही, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि अनुसूचित जाति (SC) समुदाय यानी दलित महिलाओं को इस योजना के अंतर्गत हर महीने 1,500 रुपये की बढ़ी हुई आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार के इस कदम से पंजाब की करोड़ों महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई है।

बिना कार्ड के भी 1 जुलाई से खाते में आएंगे पैसे, सीएम मान ने दूर की सारी टेंशन

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिलाओं की सबसे बड़ी चिंता को दूर करते हुए एक बड़ा स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि राज्य में 18 वर्ष से अधिक उम्र की लगभग 52 लाख महिलाएं इस योजना के लिए पात्र मानी गई हैं, जिनमें से 37 लाख से अधिक लाभार्थी महिलाओं के विशेष कार्ड पहले ही तैयार किए जा चुके हैं। सीएम ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि जिन महिलाओं ने इस योजना के लिए सफलतापूर्वक आवेदन कर दिया है, लेकिन प्रशासनिक कारणों से 1 जुलाई तक उनका कार्ड नहीं बन पाता है, उन्हें बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसी सभी पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1 जुलाई से तय राशि ट्रांसफर होना शुरू हो जाएगी और उनके भौतिक कार्ड बाद में भी उन्हें आसानी से उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।

चुनाव पूर्व किया सबसे बड़ा वादा पूरा, बजट में आवंटित किए ₹9300 करोड़

आम आदमी पार्टी ने साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य की हर वयस्क महिला को प्रति माह एक हजार रुपये देने का एक बहुत बड़ा और लोक-लुभावन वादा किया था। विपक्ष लगातार इस बात को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा था कि कार्यकाल के चार साल बीत जाने के बाद भी यह वादा अधूरा है। इस पर जवाब देते हुए सीएम भगवंत मान ने कहा कि यह कोई चुनावी स्टंट नहीं बल्कि एक बेहद दूरगामी और लॉन्ग-टर्म योजना है। हमने इसकी शुरुआत तभी की है जब सरकार ने इसके लिए बजट में पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। मान सरकार ने पंजाब बजट 2026-27 में इस योजना के सफल संचालन के लिए चालू वित्त वर्ष में कुल 9,300 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट का विशेष प्रावधान किया है, ताकि फंड की कमी से यह योजना कभी न रुके।

योजना के लिए जरूरी पात्रता और शर्तें: कौन-कौन सी महिलाएं उठा सकती हैं लाभ

'मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना' का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ बेहद जरूरी और अनिवार्य नियम व शर्तें तय की हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • लाभार्थी महिला का अनिवार्य रूप से पंजाब राज्य का स्थायी निवासी होना आवश्यक है।

  • योजना का लाभ लेने के लिए महिला की न्यूनतम आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

  • योजना की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।

  • इसके लिए पात्र महिलाओं का बैंक खाता उनके बैंक रिकॉर्ड और सरकारी पहचान पत्र से पूरी तरह लिंक होना अनिवार्य है।

  • अच्छी बात यह है कि जो महिलाएं पहले से वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन या दिव्यांग पेंशन जैसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ ले रही हैं, उन्हें भी इस योजना के तहत अतिरिक्त सहायता राशि दी जाएगी।

इन महिलाओं को नहीं मिलेगा योजना का फायदा, सरकार ने तय की लिस्ट

पंजाब सरकार ने इस योजना का लाभ समाज की जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाने के लिए एक फिल्टर भी लगाया है। नियमों के मुताबिक, ऐसी महिलाएं जो स्वयं सरकारी नौकरी (Government Employee) में कार्यरत हैं या सरकारी सेवा से रिटायर होकर पेंशन प्राप्त कर रही हैं, उन्हें इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके अलावा, पूर्व और मौजूदा महिला विधायक (MLAs), महिला सांसद (MPs) और आयकर दाता (टैक्स पेयर) महिलाओं को भी इस योजना के तहत कोई वित्तीय लाभ नहीं दिया जाएगा। विपक्ष द्वारा पिछले चार सालों का बकाया पैसा देने की मांग के बीच, मान सरकार इस योजना को धरातल पर उतारकर साल 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले एक मास्टरस्ट्रोक खेलने में पूरी तरह कामयाब दिख रही है।

 

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