पुलिसकर्मी ने पहले पत्नी और मासूम बच्चों पर बरसाईं गोलियां, फिर खुद को उड़ाया... पंजाब में सनसनी!
पंजाब के मानसा जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां मानसा के डिप्टी कमिश्नर के गनमैन के पद पर तैनात पंजाब पुलिस के जवान गुरविंदर सिंह ने घरेलू कलह के चलते अपने ही परिवार पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं और बाद में खुद को भी गोली मार ली।
इस दिल दहला देने वाले खूनी खेल में सिपाही गुरविंदर सिंह और उनके बेटे जोत की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी हरप्रीत कौर और दूसरा बेटा दिलशान गोलियों के छर्रे लगने से गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। मानसा के सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया है।
बताया जा रहा है कि गुरविंदर पिछले दो दिनों से ड्यूटी से छुट्टी पर चल रहे थे और घर पर ही मौजूद थे। मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने मामले की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि यह पूरी घटना गंभीर पारिवारिक विवाद के कारण घटी है, जिसमें पुलिसकर्मी ने आवेश में आकर पूरे परिवार पर गोलियां दाग दीं। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है और स्थानीय पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
इसी बीच पंजाब से जुड़ी एक और बड़ी सुरक्षा संबंधी खबर सामने आई है, जहां पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी को उनके बठिंडा दौरे के दौरान एक अज्ञात फोन नंबर से जान से मारने की सीधी धमकी मिली है। जामा मस्जिद लुधियाना के अध्यक्ष मुहम्मद मुस्तकीम के अनुसार, धमकी भरा कॉल आते ही शाही इमाम ने फौरन इसकी औपचारिक सूचना पुलिस प्रशासन को दी। मुस्तकीम ने खुलासा किया कि इससे पहले भी शाही इमाम को कई बार पत्रों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए निशाना बनाने की धमकियां मिल चुकी हैं। शाही इमाम की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव और लुधियाना के पुलिस आयुक्त को निरंतर पत्राचार और ईमेल के जरिए अवगत कराया गया है। लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए जामा मस्जिद प्रबंधन और स्थानीय पुलिस प्रशासन दोनों ही इस संवेदनशील मामले पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।