परविंदर झोटा मर्डर केस में बड़ा एक्शन, मानसा की इस महिला पुलिस अधिकारी पर गिरी गाज
पंजाब के मानसा में बहुचर्चित नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की बेरहमी से की गई हत्या के ठीक दो दिन बाद पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। इलाके में फैले भारी जनआक्रोश और नशे के नेटवर्क पर नकेल कसने में नाकाम रहने के गंभीर आरोपों के बीच मानसा सिटी-2 थाने की प्रभारी (SHO) इंस्पेक्टर बेअंत कौर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। झोटा की हत्या के बाद से ही आक्रोशित स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) वैभव चौधरी ने गुरुवार को इस निलंबन की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक आधार पर इंस्पेक्टर बेअंत कौर को निलंबित किया गया है ताकि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ सके। इस कार्रवाई से यह साफ संकेत देने की कोशिश की गई है कि कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ ढिलाई बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस टीमों की कार्रवाई कहां तक पहुंची
दूसरी ओर, हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस टीमों ने शिकंजा कसते हुए मामले में दो अन्य संदिग्धों को भी नामजद किया है। ये दोनों मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार के बेहद करीबी बताए जा रहे हैं, जिनमें से एक आरोपी का पारिवारिक सदस्य भी शामिल है। पुलिस की विशेष जांच टीम इस मर्डर मिस्ट्री के पीछे की साजिश, स्थानीय नशे के सिंडिकेट और आपसी रंजिश के सभी कोणों की गहराई से पड़ताल कर रही है।
इस सनसनीखेज वारदात में मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार समेत दो लोगों को पहले ही दबोचा जा चुका है, जबकि पूछताछ के लिए उसके परिवार के अन्य सदस्यों को भी हिरासत में रखा गया है। शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी अश्वनी कुमार के पास दो लाइसेंसी असलहे मौजूद हैं, जिनका लाइसेंस उसने करीब दो साल पहले बनवाया था। परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद से मानसा और आसपास के क्षेत्रों में जबरदस्त तनाव बना हुआ है, जहां लोग नशे के सौदागरों और उनके मददगारों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।