पंजाब में 'आप' विधायक के घर ED का बड़ा छापा, हाईवे घोटाले में 7 ठिकानों पर ताबड़तोड़ रेड से हड़कंप
पंजाब की सियासत में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने सत्ताधारी आम आदमी पार्टी की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष और मोगा से विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के दो आवासों पर एक साथ दबिश दी। केंद्रीय जांच एजेंसी की यह बड़ी कार्रवाई मोगा जिले में नेशनल हाईवे निर्माण के लिए सरकारी जमीन के कथित फर्जी अधिग्रहण और सरकारी खजाने के गबन से जुड़े धन शोधन मामले में की गई है। दिल्ली और चंडीगढ़ से पहुंची ईडी की विशेष टीमों ने मोगा और आसपास के कुल सात ठिकानों पर एक साथ सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
सुबह करीब 6 बजे केंद्रीय सुरक्षा बलों के कड़े पहरे के बीच अधिकारी सीधे विधायक के आवास पहुंचे, जहां मौजूद डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और उनके परिजनों से पूछताछ शुरू की गई। जांच एजेंसी के रडार पर विधायक के अलावा उनके पति डॉ. राकेश अरोड़ा, पारिवारिक सदस्य और करीबी सहयोगी भी शामिल हैं। अधिकारियों ने डॉ. राकेश अरोड़ा द्वारा संचालित एक नशा मुक्ति अस्पताल के रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की भी बारीकी से जांच की है।
ईडी की यह पूरी जांच पंजाब पुलिस द्वारा जून 2024 में दर्ज एक आपराधिक केस के आधार पर आगे बढ़ी है। पूरा मामला राष्ट्रीय राजमार्ग 754A के निर्माण से जुड़ा है, जिसके तहत मोगा की धर्मकोट तहसील के अदरामन गांव में जमीन अधिग्रहित की जानी थी। जांच में सामने आया कि कुछ खसरा नंबरों में फर्जी इंतकाल (म्यूटेशन) तैयार कर दिलखुश कुमारी नाम की महिला के नाम पर 1 करोड़ 65 हजार 724 रुपये का मुआवजा जारी करवा लिया गया, जबकि वह जमीन मूल रूप से पंजाब सरकार के स्वामित्व वाली थी। मोहाली स्थित फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि इस फर्जीवाड़े में तत्कालीन तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए थे और राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी कर 6 कनाल 18 मरला अतिरिक्त जमीन भी जोड़ दी गई थी। इस पर 16 जून 2024 को धर्मकोट थाने में पटवारी नवदीप सिंह और लाभार्थी दिलखुश कुमारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
हालांकि स्थानीय पुलिस की शुरुआती एफआईआर में विधायक या उनके परिजनों का नाम शामिल नहीं था, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय ट्रेल की कड़ियां जुड़ने के बाद ईडी ने विधायक के ठिकानों पर सीधे जांच का दायरा बढ़ा दिया है। छापेमारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक विधायक आवास के बाहर जुट गए और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। विधायक के करीबी सहयोगी जगदेव सिंह और स्थानीय 'आप' नेताओं ने इसे पूरी तरह राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया। राजनीतिक रूप से यह घटनाक्रम इसलिए भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि आम आदमी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए मोगा सीट से डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा को पहले ही अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर रखा है।