परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब बंद
पंजाब के मानसा जिले में नशा-विरोधी एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस सनसनीखेज वारदात के खिलाफ राज्यभर के लोगों और विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना के विरोध में संयुक्त संघर्ष समिति और 'इंसाफ मोर्चा' द्वारा आज पंजाब बंद (Punjab Bandh) का एलान किया गया है। सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक बुलाए गए इस शटडाउन का असर राज्य के कई जिलों में साफ तौर पर नजर आ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके।
जानिए आज पंजाब बंद के दौरान क्या-क्या खुला है और क्या रहेगा बंद?
इस शांतिपूर्ण और विरोधस्वरूप बंद के दौरान राज्य के कई शहरों में स्थानीय बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान और प्राइवेट स्कूल बंद रखे गए हैं। प्रदर्शनकारियों और विभिन्न संगठनों की अपील के बाद कई जगहों पर दुकानदारों ने स्वतःस्फूर्त अपनी दुकानें बंद रखी हैं। हालांकि, आम जनजीवन को पूरी तरह ठप होने से बचाने के लिए आपातकालीन सेवाओं, अस्पतालों, केमिस्ट की दुकानों, दूध और ब्रेड जैसी जरूरी खाद्य सामग्री की सप्लाई को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सरकारी दफ्तरों, बैंकों और सार्वजनिक परिवहन के संचालन पर स्थिति के मुताबिक आंशिक असर देखा जा रहा है, जबकि कई मुख्य मार्गों पर प्रदर्शनकारियों द्वारा धरने-प्रदर्शन और चक्का जाम किए जाने की भी खबरें सामने आ रही हैं।
कैसे हुई थी परविंदर सिंह झोटा की हत्या और क्यों भड़का है गुस्सा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा कुछ दिन पहले मानसा में एक मेडिकल स्टोर (केमिस्ट की दुकान) पर पहुंचे थे और वहां कथित तौर पर अवैध रूप से नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान दुकान संचालक और उनके बीच तीखी बहस हो गई और अचानक फायरिंग शुरू कर दी गई। इस गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल होने के कारण परविंदर सिंह झोटा की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग भी घायल हो गए थे। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद से पूरे पंजाब के युवाओं और नशा विरोधी संगठनों में रोष फैल गया। परिवार और समर्थकों का आरोप है कि इस अवैध धंधे को स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिल रहा था। घटना के बाद से ही गुस्साए लोगों ने मुख्य आरोपी के घर और दुकान पर प्रदर्शन किया तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
परिवार की जिद और राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं
हत्याकांड के बाद से ही परविंदर सिंह झोटा का परिवार और उनके समर्थक न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं। परिवार ने साफ कह दिया है कि जब तक सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित नहीं होती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस मामले को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) समेत कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने भी पंजाब बंद का समर्थन किया है। विपक्षी दलों ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे और सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ ही अन्य संदिग्धों की धरपकड़ तेज कर दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।