पंजाब में उद्योग लगाना हुआ बेहद आसान: 45 दिनों में मिलेंगी सभी मंजूरियां, सीएम मान ने लॉन्च किया 'फास्ट-ट्रैक' और 'पासबुक' पोर्टल
पंजाब में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने और निवेशकों को लालफीताशाही से मुक्ति दिलाने के लिए भगवंत मान सरकार ने बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। चंडीगढ़ में आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने "फास्ट-ट्रैक पंजाब" पोर्टल के तहत वित्तीय प्रोत्साहन मॉड्यूल "पासबुक" और युवाओं के लिए "हुनर पंजाब" पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था का सीधा मकसद राज्य में उद्योग लगाने के इच्छुक उद्यमियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाना और सभी औपचारिकताएं एक ही जगह पर तय समय में पूरी करना है। 'इन्वेस्ट पंजाब' पहल के जरिए अब शुरुआती वार्ता से लेकर जमीन, निर्माण, उत्पादन और भविष्य के विस्तार तक हर स्तर पर सरकार 'सिंगल विंडो-सिंगल पेन' मॉडल के तहत हैंड-होल्डिंग सपोर्ट देगी, जिससे विभागों के बीच बेहतर तालमेल और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
45 दिनों के भीतर तमाम क्लीयरेंस और ऑटो-डीम्ड अप्रूवल की गारंटी
"फास्ट-ट्रैक पंजाब" पोर्टल पर अब निवेशक 200 से अधिक व्यावसायिक सेवाएं और करीब 50 अनिवार्य रेगुलेटरी मंजूरियां ऑनलाइन हासिल कर सकते हैं। आवेदन करने से लेकर तय फीस जमा करने और रियल-टाइम स्टेटस ट्रैक करने की सुविधा एक क्लिक पर उपलब्ध करा दी गई है।
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से आने वाले प्रोजेक्ट्स को अधिकतम 45 दिनों की तय समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक मंजूरियां दे दी जाएंगी। यदि तय वक्त में किसी विभाग ने फैसला नहीं लिया, तो नियमों के तहत 'ऑटो-डीम्ड अप्रूवल' का प्रावधान स्वतः लागू हो जाएगा, यानी मंजूरी अपने-आप स्वीकृत मान ली जाएगी। इसके साथ ही नए "पासबुक" मॉड्यूल से उद्योगों को मिलने वाली सब्सिडी और वित्तीय रियायतों की स्पष्ट जानकारी और स्थिति सीधे पोर्टल पर दिखाई देगी, जिससे किसी भी मध्यस्थ या अफसर पर निर्भरता खत्म होगी।
पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट में सुधार और 1.89 लाख करोड़ का निवेश
औद्योगिक माहौल को और सुगम बनाने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा के नेतृत्व में सभी विभागों को ई-ऑफिस से जोड़कर पूरी प्रक्रिया पेपरलेस की जा चुकी है। इससे पहले राज्य सरकार ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट में बड़े बदलाव कर पैन (PAN) आधारित पहचान प्रणाली और समयबद्ध सैद्धांतिक मंजूरियां देने की व्यवस्था लागू की थी। केंद्र सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने भी बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान के तहत पंजाब को 'टॉप अचीवर' राज्यों की श्रेणी में शामिल किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार वर्ष 2022 से अब तक राज्य में 1.89 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजी निवेश आकर्षित हुआ है, जिसके जरिए 6.31 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर तैयार हुए हैं।