राजस्थान पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस ने कसी कमर: वार रूम में गहलोत-पायलट का मंथन
राजस्थान में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने अपनी चुनावी तैयारियां पूरी रफ्तार से शुरू करते हुए बुधवार को जयपुर स्थित वार रूम में कैंपेन कमेटी की अहम बैठक बुलाई।
प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और एआईसीसी राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में चुनाव प्रचार की दिशा, संभावित प्रत्याशियों का चयन और जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने का पूरा रोडमैप तैयार किया गया। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, एआईसीसी महासचिव सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित सहप्रभारी चिरंजीव राव, ऋत्विक मकवाना और पूनम पासवान जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि पंचायत चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। रणनीति के अनुसार, कांग्रेस के दिग्गज नेता अपने प्रभार वाले जिलों के साथ-साथ जिला कमेटियों की मांग पर अन्य क्षेत्रों में भी जनसभाएं और चुनावी रैलियां करेंगे। शीर्ष नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पंचायत चुनाव में पार्टी का जनाधार मजबूत किया जाएगा।
कैंपेन कमेटी के मंथन के तत्काल बाद पीसीसी मुख्यालय में जिला प्रभारियों, सह-प्रभारियों और जिलाध्यक्षों की संयुक्त बैठक हुई। डोटासरा ने संगठन स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए सभी जिलों में 'जिला पॉलिटिकल अफेयर कमेटी' गठित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। इस कमेटी में संबंधित जिले के मौजूदा व पूर्व विधायक, सांसद, विधानसभा प्रत्याशी, पंचायती राज के जनप्रतिनिधि और अग्रणी संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे। यह कमेटी स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं का फीडबैक लेकर पूरी पारदर्शिता के साथ टिकट वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
मंथन के दौरान नेताओं ने जिला परिषदों और पंचायत समितियों में जीत दर्ज करने के लिए गुटबाजी से परे एकजुटता पर जोर दिया। बैठक में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया गया कि हालिया निकाय चुनावों में पुलिस और प्रशासन का खुलकर दुरुपयोग किया गया, जिसका कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा जवाब देगी। प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि सत्ताधारी दल के पास गिनाने के लिए उपलब्धियां नहीं हैं, जबकि कांग्रेस पूर्ववर्ती सरकार के ग्रामीण विकास, महिला कल्याण, दलित और युवा हितैषी फैसलों को लेकर जनता की अदालत में उतरेगी। पार्टी राहुल गांधी के लोकतंत्र बचाओ अभियान के संदेश को गांव-ढाणी तक पहुंचाकर पंचायत चुनावों में पूरी ताकत झोंकेगी।