दीपावली से पहले दहलने वाला था देश; भारत-पाक सीमा पर उतरा मौत का सामान, 2 संदिग्ध गिरफ्तार!
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पार से रची गई एक बड़ी आतंकी व तस्करी साजिश को नाकाम कर दिया है। रावला थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव 12 केएनडी में एक खेत से सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी ड्रोन से गिराई गई हथियारों, गोला-बारूद और खतरनाक विस्फोटकों की बड़ी खेप बरामद की है। राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साझा ऑपरेशन में पंजाब के रहने वाले दो प्रमुख संदिग्धों को भी मौके से धर दबोचा गया है।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के आईजी विकास कुमार के अनुसार, सीमा पार से तीन अलग-अलग ड्रोन उड़ानों के जरिए भारतीय सीमा में तीन पैकेट गिराए गए थे। जांच के दौरान बरामद किए गए पैकेटों से 7.7 किलोग्राम उच्च क्षमता वाला प्लास्टिक एक्सप्लोसिव, 2 अत्याधुनिक पिस्टल, 4 मैगजीन और करीब 600 जिंदा कारतूस मिले हैं। इसके साथ ही एक रिमोट कंट्रोल, 2 केपलर और 4 बैटरियां भी बरामद की गई हैं, जिनका सीधा इस्तेमाल आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) तैयार करने में किया जाता है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जयपुर से विशेष बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया है ताकि विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज किया जा सके।
इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए ANTF की टीम पिछले करीब एक महीने से सक्रिय थी। आईजी विकास कुमार ने स्पष्ट किया कि यह कोई अचानक हुई जब्ती नहीं है, बल्कि सटीक इनपुट पर आधारित एक सुनियोजित खुफिया अभियान था। एजेंसी को सूचना मिली थी कि पंजाब से आए दो संदिग्ध किसी खास असाइनमेंट के तहत श्रीगंगानगर के सीमावर्ती बेल्ट में सक्रिय हैं। टीम लगातार उनकी गतिविधियों को ट्रैक कर रही थी। जैसे ही यह पुख्ता इनपुट मिला कि सीमा पार से ड्रोन ड्रॉपिंग होने वाली है, BSF और ANTF ने संयुक्त घेराबंदी कर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पंजाब निवासी लखविंद्र सिंह और सुखविंद्र सिंह के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी रावला मंडी इलाके में पहचान छिपाकर मजदूर के भेष में रह रहे थे और रात के अंधेरे में खेत में गिरी खेप को उठाने पहुंचे थे। सुरक्षा एजेंसियां अब उन स्थानीय मददगारों और बाइक सवार युवकों की तलाश में जुटी हैं जो इन दोनों को रावला तक छोड़कर गए थे। फिलहाल केंद्रीय व राज्य जांच एजेंसियां पकड़े गए तस्करों से कड़ी पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सीमा पार से यह खतरनाक खेप किसके इशारे पर भेजी गई थी और देश के भीतर इसे कहां डिलीवर किया जाना था।