झारखंड में दोहरा खौफ! कहीं अंधविश्वास में महिला का कत्ल, तो कहीं नवविवाहित जोड़े ने खुद को जिंदा फूंका!

झारखंड में दोहरा खौफ! कहीं अंधविश्वास में महिला का कत्ल, तो कहीं नवविवाहित जोड़े ने खुद को जिंदा फूंका!

झारखंड के दो अलग-अलग जिलों से दिल दहला देने वाली घटनाएं सामने आई हैं, जहां एक तरफ अंधविश्वास के चलते एक आदिवासी महिला की बेरहमी से जान ले ली गई, वहीं दूसरी तरफ शादी के कुछ ही समय बाद एक युवा दंपति ने खुद को आग के हवाले कर दिया।

पश्चिमी सिंहभूम शहर के कराइकेला थाना क्षेत्र स्थित कोलजोमरो गांव में रेंदाई सुम्भरुई (46) शुक्रवार देर रात अपने घर में सो रही थीं। उसी दौरान गांव के ही कुछ लोग जबरन घर में घुस आए। आरोपियों ने पहले महिला के साथ बुरी तरह मारपीट की और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। शनिवार सुबह सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और खून से लथपथ शव को कब्जे में लिया।

चाईबासा सदर के एसडीपीओ बहमन तुती के अनुसार, वारदात की वजह जादू-टोने का शक है। मृतका के पति की तहरीर पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और डायन प्रथा निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। प्रकरण में तुरंत कार्रवाई करते हुए जोनुआ गांव के रहने वाले चार आरोपियों बुधु होनहागा, मार्टिन डिग्गी, मार्टुस होनहागा और मधुसूदन होनहागा को अरेस्ट कर जेल भेज दिया गया है।

दूसरी हृदयविदारक घटना लोहरदगा जिले के भंडरा थाना क्षेत्र के धनामुंजी गांव की है। यहां शनिवार को नवविवाहित जोड़े अजित उरांव (25) और बाल्मिकी उरांव (20) ने कथित तौर पर आत्मदाह कर लिया। भंडरा थाना प्रभारी मनोज गुप्ता ने बताया कि दंपति ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद किया, ऊपर से कंबल ओढ़ा और फिर खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली।

कमरे से आग की लपटें उठती देख परिजनों ने दरवाजा तोड़ा और दोनों को बाहर निकाला। दोनों को तुरंत भंडरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने अजित को मृत बता दिया। वहीं गंभीर रूप से झुलसी पत्नी बाल्मिकी को रांची के रिम्स रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। पुलिस की शुरुआती जांच में मानसिक तनाव के चलते यह आत्मघाती कदम उठाए जाने का अंदेशा जताया जा रहा है, हालांकि मामले की विस्तृत जांच जारी है।