सीएम भजनलाल की मौजूदगी में सतीश पूनिया और अलका गुर्जर ने भरा पर्चा, समझें विधानसभा का नया सियासी समीकरण
राजस्थान की सियासत में इन दिनों राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। सूबे में आगामी 18 जून को होने वाले तीन राज्यसभा सीटों के हाई-प्रोफाइल चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गज उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। सोमवार को जयपुर स्थित विधानसभा भवन में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के साथ पार्टी की कद्दावर नेत्री अलका गुर्जर ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की विशेष मौजूदगी में निर्वाचन अधिकारी के सामने अपना-अपना पर्चा भरा। इस दौरान सत्ताधारी दल के तमाम बड़े चेहरों की मौजूदगी ने पार्टी के भीतर एकजुटता का एक बड़ा संदेश दिया है, जिसके बाद प्रदेश की राजनीतिक फिजां में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नामांकन से पहले भाजपा विधायक दल की बड़ी बैठक, मुख्यमंत्री ने उम्मीदवारों के अनुभव को बताया राज्य का गौरव
सतीश पूनिया और अलका गुर्जर द्वारा पर्चा दाखिल किए जाने से ठीक पहले राजस्थान विधानसभा के भीतर भाजपा विधायक दल की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दोनों ही उम्मीदवारों की जमकर तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतीश पूनिया और अलका गुर्जर का लंबा संगठनात्मक और राजनीतिक अनुभव न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के विकास के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा। इन दोनों वरिष्ठ नेताओं का उच्च सदन यानी राज्यसभा में जाना पूरे राजस्थान के लिए बेहद गर्व का विषय है। सीएम ने सभी विधायकों को एकजुट होकर चुनाव प्रक्रिया को मजबूती से संपन्न कराने के निर्देश दिए।
राजस्थान में 'डबल इंजन' सरकार का रिपोर्ट कार्ड, सीएम ने विधायकों को दिया मोदी सरकार के कामों को घर-घर पहुंचाने का टास्क
विधायक दल की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सूबे में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने 'ग्राम विकास रथ', 'ग्राम विकास चौपाल' और 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि राजस्थान में भाजपा की 'डबल इंजन सरकार' विकास और जल संरक्षण को एक बड़े जन आंदोलन का रूप दे चुकी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से आह्वान किया कि वे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के गौरवशाली 12 वर्षों की ऐतिहासिक उपलब्धियों और विकास कार्यों को जनता के बीच ले जाने के अभियान में पूरी सक्रियता के साथ जुट जाएं।
वसुंधरा राजे से लेकर दिया कुमारी तक, नामांकन के दौरान एक मंच पर नजर आया भाजपा का शीर्ष नेतृत्व
विधायक दल की बैठक समाप्त होने के बाद दोनों भाजपा उम्मीदवारों ने भारी लाव-लश्कर के साथ जाकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान राजस्थान भाजपा की आंतरिक एकजुटता की एक बेहद दिलचस्प और मजबूत तस्वीर देखने को मिली। नामांकन के इस खास मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन महामंत्री अजय कुमार सहित सरकार और संगठन के कई शीर्ष स्तर के नेता व विधायक एकजुट नजर आए।
18 जून को क्यों हो रहे हैं चुनाव और क्या हैं मौजूदा सीटों के गणितीय समीकरण
राजस्थान से राज्यसभा की कुल 10 सीटें आती हैं, जिनमें से वर्तमान समय में भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के पास 5-5 सीटें हैं। आगामी 18 जून को होने वाला यह चुनाव इसलिए बेहद दिलचस्प है क्योंकि 21 जून को तीन राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। इनमें कांग्रेस के सांसद नीरज डांगी और भाजपा के दो सांसद राजेंद्र गहलोत तथा रवनीत सिंह शामिल हैं। इस बार के चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर अपने निवर्तमान सांसद नीरज डांगी पर भरोसा जताते हुए उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है। विधानसभा के मौजूदा संख्या बल और विधायकों के आंकड़ों को देखते हुए इस बार सीटों के गणित में बड़े उलटफेर की संभावनाएं कम हैं, लेकिन शह-मात का यह खेल राजस्थान की भावी राजनीति की दिशा जरूर तय करेगा।