राजस्थान में फिर सक्रिय हुआ मानसून: 24 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बने नए 'वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम' (Well-Marked Low Pressure System) के असर से राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर जोरदार वापसी की है। प्रदेश के कई इलाकों में गुरुवार को हुई झमाझम बारिश के बाद शुक्रवार को भी मौसम विभाग ने 24 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट घोषित किया है।
राजधानी जयपुर और इसके आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों में सुबह से ही आसमान में घने काले बादल डेरा डाले हुए हैं और रुक-रुक कर रिमझिम व हल्की बारिश का दौर लगातार जारी है।
6 सितंबर तक सक्रिय रहेगा नया तंत्र, उमस से मिलेगी बड़ी राहत
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठे इस नए मौसमी तंत्र का असर पूरे राज्य में 6 सितंबर तक बना रहेगा। इसके प्रभाव से आगामी दिनों में व्यापक बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे न केवल दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी, बल्कि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही चिपचिपी गर्मी और उमस से भी आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
भरतपुर के उच्चैन में 54 मिमी बारिश, कई जगह सड़कें बनीं तालाब
मौसम विभाग द्वारा दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को सवाई माधोपुर, बारां, भरतपुर, धौलपुर, अलवर और करौली जिलों में कई जगहों पर जोरदार बारिश दर्ज की गई। राज्य में सबसे ज्यादा 54 मिलीमीटर वर्षा भरतपुर के उच्चैन क्षेत्र में दर्ज की गई। लगातार हुई तेज बारिश के चलते भरतपुर और धौलपुर के निचले इलाकों व प्रमुख सड़कों पर भारी जलभराव हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके अतिरिक्त बूंदी, बारां, कोटा, दौसा और जयपुर जिले के कई क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई।
इन संभागों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि शुक्रवार को भी इस नए दबाव तंत्र का असर राजस्थान के बड़े हिस्से पर प्रभावी रहेगा। जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और बीकानेर संभाग के कई इलाकों में मेघगर्जन के साथ तेज हवाएं चलने और मध्यम से तेज बारिश होने का पूर्वानुमान है। विशेषकर कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है तथा आम नागरिकों को तेज मेघगर्जन और जलभराव के दौरान सतर्कता बरतने की सलाह दी है।