हेल्थ बनाने जिम गए स्कूल के प्रिंसिपल को ट्रेडमिल पर दौड़ते हुए आया साइलेंट अटैक

हेल्थ बनाने जिम गए स्कूल के प्रिंसिपल को ट्रेडमिल पर दौड़ते हुए आया साइलेंट अटैक

आज के इस आधुनिक और भागदौड़ भरे दौर में हर व्यक्ति खुद को फिट, चुस्त और तंदुरुस्त बनाए रखने के लिए जिम जाने, एक्सरसाइज करने और पसीना बहाने को अपनी जीवनशैली का अहम हिस्सा बना चुका है। लोग सोचते हैं कि नियमित रूप से जिम में कसरत करने से उनका शरीर हमेशा स्वस्थ रहेगा और बीमारियां उनसे कोसों दूर रहेंगी। लेकिन कई बार यही सेहत बनाने की जिद और अनियंत्रित शारीरिक मेहनत इंसान के लिए जानलेवा साबित हो जाती है। ऐसा ही एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को फिट रखने के लिए जिम गए एक स्कूल के प्रिंसिपल को ट्रेडमिल पर दौड़ते वक्त अचानक साइलेंट हार्ट अटैक आ गया। देखते ही देखते हंसता-खेलता इंसान जमीन पर गिर पड़ा और लाख कोशिशों के बावजूद उनकी सांसें थम गईं। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जिम में कसरत करते वक्त हम अपनी शारीरिक क्षमताओं को नजरअंदाज कर कितना बड़ा जोखिम मोल ले रहे हैं।

क्या है पूरी घटना और कैसे जिम में पलक झपकते ही छिन गई सांसें?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक शख्स इलाके के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत थे और अपनी फिटनेस को लेकर बेहद जागरूक रहते थे। वे रोज की तरह अपनी दिनचर्या पूरी कर शाम के वक्त नजदीकी फिटनेस सेंटर यानी जिम पहुंचे थे। जिम पहुँचने के बाद उन्होंने हमेशा की तरह वार्म-अप किया और इसके बाद कार्डियो एक्सरसाइज के लिए ट्रेडमिल पर दौड़ने लगे। वे ट्रेडमिल पर सामान्य गति से दौड़ ही रहे थे कि अचानक उनके सीने में तेज ऐंठन और दर्द उठा। इससे पहले कि वे ट्रेडमिल की स्पीड कम कर पाते या किसी से मदद मांग पाते, वे अचानक लड़खड़ाकर नीचे गिर पड़े। उनकी इस हालत को देखकर जिम में मौजूद अन्य लोग और ट्रेनर तुरंत दौड़कर उनके पास पहुंचे और उन्हें संभालने की कोशिश की।

सीपीआर (CPR) देने की तमाम कोशिशें रहीं नाकाम, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

ट्रेडमिल पर बेहोश होकर गिरने के बाद जिम के ट्रेनर और वहां मौजूद लोगों ने बिना समय गंवाए उन्हें तुरंत सीपीआर (CPR - Cardiopulmonary Resuscitation) देना शुरू कर दिया ताकि दिल की धड़कन को दोबारा चालू किया जा सके। कुछ मिनटों तक लगातार छाती को दबाकर कृत्रिम सांस देने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। आनन-फानन में उन्हें गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि उन्हें मैसिव साइलेंट हार्ट अटैक (Silent Heart Attack) का झटका लगा था, जो इतना तेज था कि शरीर को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस अचानक हुए हादसे की खबर जैसे ही उनके परिवार और स्कूल तक पहुची, पूरे इलाके में मातम पसर गया।

जिम में वर्कआउट के दौरान लगातार क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले?

पिछले कुछ समय से देश भर से ऐसे कई वीडियो और मामले सामने आ रहे हैं जहां जिम में वर्कआउट करते, वजन उठाते या ट्रेडमिल पर दौड़ते वक्त स्वस्थ दिखने वाले युवाओं और अधेड़ उम्र के लोगों को दिल का दौरा पड़ जाता है। इस बारे में कार्डियोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लोग बिना अपनी शारीरिक क्षमता (Physical Stamina) और मेडिकल हिस्ट्री जाने अचानक से भारी एक्सरसाइज या हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट करना शुरू कर देते हैं। अधिक उम्र या तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण कई बार कोरोनरी आर्टरीज में अंदर ही अंदर ब्लॉकेज होती है, जिसके बारे में इंसान को खुद पता नहीं होता। जब ट्रेडमिल पर तेज दौड़ने से शरीर का मेटाबॉलिज्म अचानक बढ़ता है और दिल पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, तो वह ब्लॉकेज हार्ट अटैक का कारण बन जाती है।

जिम जाने वाले लोगों को किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान?

इस प्रकार की दर्दनाक घटनाओं से सीख लेते हुए हर उस व्यक्ति को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है जो जिम जाता है या जाने की सोच रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि जिम ज्वाइन करने से पहले अपना फुल बॉडी हेल्थ चेकअप (Full Body Checkup) और कार्डियक इवेल्यूएशन (ECG, TMT) जरूर करवाएं, खासकर यदि आपकी उम्र 35 वर्ष से अधिक है। जिम में कभी भी अपनी क्षमता से अधिक वजन न उठाएं और न ही शरीर को जबरदस्ती थकाएं। अगर वर्कआउट के दौरान कभी भी सीने में हल्का सा भी भारीपन, सांस फूलना, चक्कर आना या जबड़े में दर्द महसूस हो, तो तुरंत एक्सरसाइज रोक दें और डॉक्टर से संपर्क करें। सेहतमंद रहना अच्छी बात है, लेकिन अपनी सीमाओं को पहचानकर और सुरक्षित तरीके से कसरत करना ही समझदारी है।