Karwa Chauth Live: इन 10 शहरों में कितने बजे निकलेगा चांद? जानें व्रत खोलने का समय
भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य, प्रेम और समर्पण के प्रतीक पर्व 'करवा चौथ' (Karwa Chauth) का सुअवसर बेहद खास और पवित्र माना जाता है। इस पावन दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरे दिन निर्जल और निराहार रहकर कठिन उपवास रखती हैं। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाए जाने वाले इस व्रत की सबसे बड़ी उत्सुकता इस बात को लेकर होती है कि आसमान में चांद कब अपनी पहली झलक दिखाएगा, क्योंकि चंद्रोदय (Moonrise) के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद ही यह कठिन व्रत पूर्ण माना जाता है। देश के अलग-अलग राज्यों और भौगोलिक दूरियों के कारण हर शहर में चांद निकलने के समय में थोड़ा बहुत अंतर होता है, जिसे लेकर महिलाएं सुबह से ही आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठी रहती हैं।
प्रमुख 10 शहरों में चंद्रोदय का सटीक समय: दिल्ली, मुंबई, लखनऊ से लेकर पटना और जयपुर तक कब निकलेगा चांद
मौसम विभाग, खगोलीय गणनाओं और विभिन्न शहरों के पंचांग के अनुसार, इस वर्ष करवा चौथ की शाम को देश के मुख्य 10 महानगरों और शहरों में चांद निकलने का संभावित समय इस प्रकार रहने वाला है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के एनसीआर (NCR) क्षेत्रों में चांद लगभग रात 8 बजकर 15 मिनट पर अपने दीदार कराएगा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 05 मिनट के आसपास तय माना जा रहा है। बात अगर आर्थिक राजधानी मुंबई की करें, तो यहाँ समुद्र तट और पश्चिमी भौगोलिक स्थिति के कारण थोड़ा विलम्ब से यानी लगभग 8 बजकर 59 मिनट पर चांद के निकलने की संभावना है। गुलाबी शहर जयपुर और राजस्थान के अन्य जिलों में रात 8 बजकर 26 मिनट पर चाँद आसमान में अपनी छटा बिखेरेगा।
बिहार, झारखंड, पंजाब और मध्य प्रदेश के बड़े शहरों में चंद्रोदय की सही समय सारणी
बिहार की राजधानी पटना और मुजफ्फरपुर जैसे क्षेत्रों में पूर्वी हिस्से में होने के कारण चांद थोड़ा पहले यानी रात 7 बजकर 51 मिनट पर ही बादलों की ओट से बाहर आ जाएगा। झारखंड की राजधानी रांची में चंद्रदर्शन का समय रात 7 बजकर 58 मिनट के आसपास रहेगा। मध्य प्रदेश के दिल कहे जाने वाले शहर भोपाल और इंदौर में सुहागिनों को चाँद के लिए रात 8 बजकर 38 मिनट तक का इंतजार करना पड़ सकता है। पंजाब और हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक शहर चंडीगढ़ तथा लुधियाना में चांद निकलने का सटीक वक्त रात 8 बजकर 12 मिनट के आसपास आंका गया है। इसके अलावा, देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी रात 8 बजकर 10 मिनट पर चाँद के दर्शन होने की पूरी उम्मीद जताई गई है, जिससे राज्यभर की महिलाओं में हर्षोल्लास का माहौल बना हुआ है।
करवा चौथ व्रत की पूजा विधि, अर्घ्य देने का नियम और छलनी से देखने की पौराणिक परंपरा
चाँद निकलने से ठीक पहले महिलाएं सोलह श्रृंगार करके माता करवा, भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की विधि-विधान से पूजा करती हैं और करवा चौथ की कथा सुनती हैं। इसके बाद जब आसमान में चाँद उदय होता है, तब चलनी या छलनी से पहले चाँद को और फिर उसी छलनी से अपने पति के मुख को देखने की प्राचीन और बेहद लोकप्रिय परंपरा निभाई जाती है। पति के हाथों से जल ग्रहण करके महिलाएं अपने इस कठिन निर्जल व्रत का पारण करती हैं और आशीर्वाद लेती हैं। आधुनिक दौर में भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच यह त्योहार पति-पत्नी के आपसी प्रेम, अटूट विश्वास और पारिवारिक रिश्तों की डोर को और अधिक मजबूत करने का एक बेहतरीन माध्यम बन गया है, जहाँ पूरा परिवार इस उत्सव में उत्साह के साथ शामिल होता है।
मौसम का मिहाल और आसमान की स्थिति: क्या बादलों के कारण चाँद के दीदार में हो सकती है देरी?
करवा चौथ के इस पावन अवसर पर देश के कई हिस्सों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जिससे महिलाओं को चाँद का दीदार करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी। हालांकि, कुछ तटीय या उत्तर-पश्चिमी इलाकों में बादलों की आवाजाही के कारण चंद्रदर्शन के लिए थोड़ा अधिक इंतजार करना पड़ सकता है। ज्योतिषियों और बुजुर्गों का मानना है कि व्रत के दौरान मन में श्रद्धा और सकारात्मकता बनाए रखना सबसे जरूरी होता है, चाहे चाँद दिखने में थोड़ी देर ही क्यों न हो जाए। देश भर के बाजारों में पूजा की थाली, करवा, छलनी, नए वस्त्र और आभूषणों की दुकानों पर महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है, जो इस महान पर्व की सांस्कृतिक भव्यता और उल्लास को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।