27 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, पर किस्मत ने दिया दगा! डेरिल मिचेल के ऐतिहासिक अर्धशतक पर कैसे फिरा पानी?

27 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, पर किस्मत ने दिया दगा! डेरिल मिचेल के ऐतिहासिक अर्धशतक पर कैसे फिरा पानी?

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे रोमांचक वनडे मुकाबले में कीवी मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज डेरिल मिचेल ने जुझारू पारी खेलते हुए इतिहास रच दिया। कठिन परिस्थितियों में 104 गेंदों पर 55 रनों की धीमी मगर संयमित अर्धशतकीय पारी के दम पर मिचेल ने एक बड़ा विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराया। हालांकि उनकी यह रिकॉर्डतोड़ पारी भी न्यूजीलैंड को हार से नहीं बचा सकी। बारिश से प्रभावित इस मैच में भारतीय टीम ने डकवर्थ-लुईस नियम (DLS) के तहत 4 रन से बाजी मार ली। इस जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली है, जबकि सीरीज का तीसरा मुकाबला आगामी मंगलवार को हैमिल्टन के मैदान पर खेला जाएगा।

डेरिल मिचेल ने भारत के खिलाफ एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक वनडे रन बनाने का 27 साल पुराना कीवी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। इससे पहले साल 1999 में पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर क्रिस केर्न्स ने भारत के खिलाफ एक साल में 403 रन बनाए थे। मिचेल ने इस साल जनवरी में हुई घरेलू सीरीज के दौरान 84, 131 और 137 रनों की शानदार पारियां खेली थीं, जबकि ऑकलैंड में खेले गए मौजूदा सीरीज के पहले मुकाबले में उन्होंने 28 रन जुटाए थे। शनिवार को मैदान पर उतरते ही उन्हें केर्न्स को पीछे छोड़ने के लिए महज 24 रनों की दरकार थी, जिसे उन्होंने पारी के 19वें ओवर में ही पूरा कर लिया। इस साल भारत के विरुद्ध केवल पांच वनडे मुकाबलों में मिचेल का कुल स्कोर अब 435 रन पहुंच चुका है।

न्यूजीलैंड की ओर से भारत के खिलाफ एक साल में सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में अब मिचेल शीर्ष पर हैं, जबकि क्रिस केर्न्स (403 रन), केन विलियमसन (361 रन) और रॉस टेलर (343 रन) क्रमशः उनके पीछे हैं। यदि वैश्विक स्तर पर बात की जाए, तो एक कैलेंडर ईयर में भारत के खिलाफ सर्वाधिक वनडे रन बनाने का ऑल-टाइम रिकॉर्ड श्रीलंका के पूर्व दिग्गज तिलकरत्ने दिलशान के नाम दर्ज है, जिन्होंने साल 2009 में 12 मैचों में 592 रन ठोके थे। इस खास सूची में दूसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के धाकड़ ओपनर क्रिस गेल (2002 में 558 रन) और तीसरे स्थान पर इंग्लैंड के मार्कस ट्रेस्कोथिक (2002 में 545 रन) काबिज हैं।

मैच के समीकरण की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए कीवी टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह लड़खड़ा गई और 41 ओवर में महज 134 रनों पर ढेर हो गई। संशोधित नियमों के तहत भारत को जीत के लिए 47 ओवरों में 135 रनों का लक्ष्य मिला। रन चेज के दौरान जब भारतीय पारी के 26वें ओवर में तेज बारिश ने खलल डाला, तब टीम इंडिया का स्कोर 7 विकेट के नुकसान पर 113 रन था। उस समय डकवर्थ-लुईस पार स्कोर 109 रन तय हुआ, जिससे भारतीय टीम 4 रन आगे पाई गई और अंपायरों ने भारत को आधिकारिक विजेता घोषित कर दिया।