93 चौके 30 छक्‍के... 552 रन बाउंड्री से, श्रीलंका-इंग्‍लैंड वनडे मैच में टूट गए सारे र‍िकॉर्ड!

93 चौके 30 छक्‍के... 552 रन बाउंड्री से, श्रीलंका-इंग्‍लैंड वनडे मैच में टूट गए सारे र‍िकॉर्ड!

अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे ऐतिहासिक और अविस्मरणीय मुकाबले खेले गए हैं जहाँ बल्लेबाजों ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया है। लेकिन श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच खेला गया यह ताजा वनडे मुकाबला न केवल एक बेहद रोमांचक मुकाबला साबित हुआ, बल्कि इसने विश्व क्रिकेट में बाउंड्री और रनों के मामले में नया इतिहास रच दिया है। शुरुआत से लेकर अंतिम गेंद तक चले इस मैच में गेंदबाजों के पास बचाव का कोई रास्ता नहीं था, क्योंकि दोनों ही टीमों के बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में चौकों और छक्कों की ऐसी आंधी लाई जिसने स्कोरबोर्ड की रफ्तार को पूरी तरह से तेज कर दिया। 50 ओवरों के इस खेल में कुल 93 चौके और 30 गगनचुंबी छक्के देखने को मिले, जिसका अर्थ यह हुआ कि दोनों टीमों ने सिर्फ बाउंड्रीज के जरिए ही 552 रनों का विशाल और अविश्वसनीय आंकड़ा पार कर लिया। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच किसी सपने जैसा था, जहाँ हर एक ओवर में नया इतिहास बन और टूट रहा था। इस रिकॉर्ड तोड़ मुकाबले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आधुनिक क्रिकेट में बल्लेबाजों का दबदबा किस कदर बढ़ चुका है और सीमित ओवरों के खेल में अब कोई भी लक्ष्य सुरक्षित नहीं माना जा सकता।

पहली पारी से ही शुरू हुआ बल्लेबाजों का तूफान, गेंदबाजों के छूटे पसीने

मैच की शुरुआत से ही टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम के इरादे पूरी तरह से साफ नजर आ रहे थे। पिच की परिस्थितियां और बल्लेबाजों का फॉर्म इस कदर अनुकूल था कि गेंदबाजों की हर एक गेंद बाउंड्री के पार जाती हुई दिखाई दे रही थी। सलामी बल्लेबाजों ने पावरप्ले का पूरा फायदा उठाते हुए महज कुछ ही ओवरों में टीम के स्कोर को सौ के पार पहुंचा दिया। विपक्षी टीम के कप्तान ने अपने सभी प्रमुख गेंदबाजों और स्पिनरों को आजमाया, लेकिन किसी भी रणनीति का कोई असर नहीं हुआ। बल्लेबाजों ने बिना किसी दबाव के मैदान के चारों तरफ लॉफ्टेड शॉट्स, कवर ड्राइव्स और पुल शॉट्स का ऐसा नजारा पेश किया कि मैदान में मौजूद दर्शक हर गेंद पर खुशी से झूम उठे। पहली पारी में ही दर्जनों चौके और छक्के लग चुके थे, जिसने दूसरी टीम के सामने एक ऐसा विशालकाय स्कोर खड़ा कर दिया जो आम तौर पर वनडे क्रिकेट में बहुत कम देखने को मिलता है। गेंदबाजों की इकॉनमी रेट देखकर ऐसा लग रहा था कि वे इस मुकाबले को जल्द से जल्द खत्म करना चाहते हैं।

श्रीलंका और इंग्लैंड का जवाब: छक्कों और चौकों से गूंज उठा पूरा स्टेडियम

जब दूसरी टीम इस पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो हर किसी को लग रहा था कि वे इतने बड़े दबाव में बिखर जाएंगे। लेकिन उन्होंने भी हार नहीं मानी और पहली ही गेंद से आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया। उनके मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने मैच को अंतिम पलों तक ले जाने के लिए ऐसा जज्बा दिखाया कि विरोधी कप्तान के चेहरे पर पसीना साफ देखा जा सकता था। दोनों टीमों के बीच रन बनाने और बाउंड्रीज लगाने की ऐसी होड़ मची कि स्कोरबोर्ड भी तेजी से आगे बढ़ने लगा। 93 चौकों में से कई ऐसे शॉट थे जो सीधे बाउंड्री लाइन को छू रहे थे, जबकि 30 छक्के इतने विशाल थे कि गेंद स्टेडियम की छत और दर्शकों के बीच जाकर गिरी। इस तरह केवल बाउंड्री से ही 552 रन बन जाना इस बात का स्पष्ट सबूत है कि दोनों टीमों के बीच का यह मुकाबला किसी टी20 मैच से भी कहीं ज्यादा तेज और आक्रामक शैली में खेला गया। मैच की अंतिम गेंद तक यह तय कर पाना मुश्किल था कि जीत किसकी होगी, क्योंकि हर एक ओवर में बाउंड्रीज की बदौलत मैच का रुख लगातार बदल रहा था।

क्रिकेट इतिहास के पुराने सारे रिकॉर्ड्स ध्वस्त, बना नया कीर्तिमान

इस महामुकाबले के खत्म होने के बाद जब क्रिकेट के सांख्यिकीविदों (Statisticians) ने आंकड़ों का हिसाब लगाया, तो वे भी पूरी तरह से हैरान रह गए। एक ही वनडे मैच में 93 चौके और 30 छक्के लगना और केवल बाउंड्री से 552 रन बनना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक नया विश्व रिकॉर्ड बन गया है। इससे पहले किसी भी वनडे मैच में इस प्रकार का बाउंड्री काउंट देखने को नहीं मिला था। वनडे क्रिकेट के कई दशक पुराने रिकॉर्ड चुटकी में टूट गए और यह मुकाबला अब तक के सबसे महंगे और रन-प्रचुर मैचों की फेहरिस्त में सबसे ऊपर दर्ज हो गया है। कई पूर्व क्रिकेट दिग्गजों और विश्लेषकों ने इस मैच को 'बल्लेबाजों का सबसे बड़ा महोत्सव' करार दिया है। सोशल मीडिया पर भी फैंस इस मैच की झलकियों को शेयर कर रहे हैं और कह रहे हैं कि इस तरह का मैच सदियों में एक बार ही देखने को मिलता है जहाँ बल्लेबाजों की कला और शक्ति का ऐसा अभूतपूर्व संगम दिखाई देता है।

आधुनिक क्रिकेट का बदलता स्वरूप और भविष्य के संकेत

श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच का यह मैच केवल एक रिकॉर्ड तोड़ मुकाबला भर नहीं है, बल्कि यह आधुनिक वनडे क्रिकेट के बदलते स्वरूप की ओर एक बड़ा इशारा भी करता है। जिस तरह से आधुनिक बल्लेबाजों की सोच, उनके बल्ले का वजन, और मैदान के चारों तरफ शॉट्स खेलने की तकनीक विकसित हुई है, उसने गेंदबाजों के लिए इस खेल को बेहद कठिन बना दिया है। पहले के दौर में जहाँ 300 रनों का स्कोर जीत की गारंटी माना जाता था, आज के समय में 350-400 रन भी आसानी से चेज हो रहे हैं। इस मुकाबले ने यह साबित कर दिया है कि आने वाले समय में फैंस को ऐसे कई और हाई-स्कोरिंग मैच देखने को मिल सकते हैं जहाँ बल्लेबाजों की आक्रामकता नए-नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। जो भी हो, श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच खेले गए इस ऐतिहासिक मैच को इसके 93 चौकों, 30 छक्कों और 552 बाउंड्री रनों के अविश्वसनीय रिकॉर्ड के लिए हमेशा क्रिकेट के इतिहास में याद रखा जाएगा।