3 साल का राज खत्म! साउथ अफ्रीका में ऑस्ट्रेलिया का हुआ ऐसा हाल, छिन गया टेस्ट का नंबर-1 ताज
साउथ अफ्रीका दौरे पर गई ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर खेले गए तीसरे टेस्ट मुकाबले में 176 रनों की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। इस हार के साथ ही मेजबान साउथ अफ्रीका ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के हालिया आंकड़े चिंताजनक स्थिति बयां कर रहे हैं; पिछले सात टेस्ट मैचों में टीम को चार में हार का सामना करना पड़ा है। इसका सीधा असर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका पर पड़ा है, जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम फिसलकर तीसरे स्थान पर आ गई है। इतना ही नहीं, करीब तीन साल तक शीर्ष पर काबिज रहने के बाद कंगारू टीम ने अपनी नंबर एक आईसीसी टेस्ट रैंकिंग भी गंवा दी है।
न्यूलैंड्स में मैच के पांचवें और अंतिम दिन ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 288 रनों का लक्ष्य था, लेकिन साउथ अफ्रीकी गेंदबाजी आक्रमण के सामने पूरी टीम महज 111 रन पर ढेर हो गई। निचले क्रम में नाथन लियोन ने नाबाद 33 रन बनाकर टीम की तरफ से सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाया, जो कंगारू टॉप ऑर्डर की विफलता को साफ दर्शाता है। शर्मनाक हार के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन के दौरान खिलाड़ियों का बचाव किया। कमिंस ने कहा कि उनकी टीम एक बेहतरीन यूनिट है और विदेशी धरती पर कड़े विरोधियों के खिलाफ मुकाबला हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है। उन्होंने माना कि टीम जीत के इरादे से आई थी मगर उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी, हालांकि घरेलू परिस्थितियों में लौटने से पहले वे अपने खेल का गहराई से विश्लेषण करेंगे।
सीरीज की शुरुआत डरबन में ऑस्ट्रेलिया की जीत के साथ हुई थी, जिससे लग रहा था कि कंगारू टीम हावी रहेगी। लेकिन साउथ अफ्रीका ने गकेबरहा (पोर्ट एलिजाबेथ) में खेले गए दूसरे टेस्ट को पारी और 31 रनों से जीतकर सीरीज में जोरदार वापसी की। इसके बाद केपटाउन में मेजबान टीम ने ऑस्ट्रेलिया को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। ऑस्ट्रेलियाई टीम अहम मौकों को भुनाने में नाकाम रही। दूसरे टेस्ट में साउथ अफ्रीका के 110 रन पर 6 विकेट गिराने के बावजूद कंगारू टीम दबाव नहीं बना पाई थी। वहीं तीसरे टेस्ट में पहली पारी में 100 रनों की मजबूत बढ़त हासिल करने के बाद भी टीम बिखर गई। साउथ अफ्रीका की ओर से रयान रिकेल्टन और वियान मुल्डर के शानदार शतकों ने मैच का रुख पलट दिया, जिसके बाद दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
कमिंस ने स्वीकार किया कि पांचवें दिन के पहले ही घंटे में कई अहम विकेट गंवाने की वजह से मैच हाथ से फिसल गया और बल्लेबाजों ने खुद को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। इस सीरीज में सीनियर बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन का खराब फॉर्म भी टीम के लिए सिरदर्द बना रहा। लाबुशेन के शतकीय सूखे का सिलसिला बढ़कर अब 49 पारियों तक पहुंच गया है, जिससे उनके स्थान पर भी सवाल उठने लगे हैं। आगामी शेड्यूल की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया अब अपने घर में नवंबर के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे और पांच टी20 मैचों की सफेद गेंद की सीरीज खेलेगी, जिसके बाद 9 दिसंबर से पर्थ में न्यूजीलैंड के खिलाफ चार मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज होगा।