भारत की हार के असली विलेन बने ये 2 नए गेंदबाज, गिल ने खुद बताई जडेजा को बाहर करने की असली वजह
मुल्लनपुर में वेस्टइंडीज के विरुद्ध तीसरे वनडे में रवींद्र जडेजा को बेंच पर बैठाया गया। उनके वनडे फॉर्म पर चिंता थी। हालांकि, गुवाहाटी के दूसरे मैच में उन्होंने दो विकेट झटके थे। अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर की गैर मौजूदगी में उनके खेलने की उम्मीद थी। लेकिन उनकी जगह अंशुल कंबोज खेले।
पांच विकेट से हार के बाद कप्तान शुभमन गिल ने जडेजा को ड्रॉप करने की बात नकारी। उन्होंने विश्व कप की तैयारियों के लिए युवाओं को आजमाने पर जोर दिया। गिल ने विश्व कप टीम चयन के लिए चयनकर्ताओं संग बैठक की योजना बताई। इसमें अप्रत्यक्ष रूप से जडेजा के बाहर होने का संकेत था।
जानें गिल ने क्या कहा
गिल ने स्पष्ट किया, "जड्डू भाई को टीम से बाहर नहीं किया गया। हमने युवाओं को मौका देने के लिए उन्हें आराम दिया। तीन मैचों की सीरीज में बेंच स्ट्रेंथ को आजमाना जरूरी होता है।" उन्होंने बताया कि भविष्य में चयनकर्ताओं के साथ विश्व कप टीम संयोजन पर चर्चा होगी। यह तय किया जाएगा कि किन परिस्थितियों में कौन सा खिलाड़ी उपयोगी होगा।
बुमराह और हर्षित राणा की गैरमौजूदगी में औकिब नबी और अंशुल कंबोज ने डेब्यू किया। नबी ने दूसरे मैच में 8.5 ओवर में बिना विकेट लिए 84 रन लुटाए। कंबोज ने तीसरे मैच में नौ ओवर में 82 रन दिए। दोनों नवोदित खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
गिल को इन तेज गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। हालांकि, उन्होंने माना कि परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल नहीं थीं। गिल ने कहा, "नए खिलाड़ियों पर तुरंत सख्ती बरतना ठीक नहीं है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ढलने और अच्छा प्रदर्शन करने में समय लगता है। उम्मीद है वे अपनी गलतियों और अवसरों से सीखेंगे।"