एक ही घर से एक साथ उठेंगी 5 अर्थियां, शहीद के अंतिम संस्कार से ठीक पहले छिन गईं 4 और जिंदगियां

एक ही घर से एक साथ उठेंगी 5 अर्थियां, शहीद के अंतिम संस्कार से ठीक पहले छिन गईं 4 और जिंदगियां

उत्तर प्रदेश से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। चंडीगढ़ से देवरिया जा रही एक एंबुलेंस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। यह कोई आम एंबुलेंस नहीं थी, बल्कि इसमें देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ले जाया जा रहा था।

जानकारी के मुताबिक, सुल्तानपुर के हलियापुर थाना क्षेत्र में 79.6 किलोमीटर माइलस्टोन के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने इस एंबुलेंस में जोरदार टक्कर मार दी। इस खौफनाक हादसे में शहीद के बेटे और एंबुलेंस ड्राइवर समेत परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। अंतिम संस्कार से ठीक पहले घटी इस अनहोनी ने पूरे देवरिया जिले और शहीद के गांव में कोहराम मचा दिया है।

मौके पर ही टूट गई बेटे और ड्राइवर की सांसें

पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, देवरिया जिले के रुद्रपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले गैला दुधिला गांव के निवासी शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर लेकर यह एंबुलेंस रविवार सुबह करीब 8:15 बजे चंडीगढ़ से रवाना हुई थी।

जैसे ही एंबुलेंस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हलियापुर इलाके से गुजर रही थी, तभी किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उसे भीषण टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि शहीद के जवान बेटे गौरव सिंह और एंबुलेंस के ड्राइवर जसपाल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

हादसे की भनक लगते ही स्थानीय पुलिस और एक्सप्रेसवे का राहत बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने देश के लाल, शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान और हिफाजत के साथ स्थानीय थाने में सुरक्षित रखवाया है। पुलिस अब उस अज्ञात वाहन और उसके फरार ड्राइवर की सरगर्मी से तलाश कर रही है। आरोपी की पहचान के लिए एक्सप्रेसवे और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।