148 साल के टेस्ट इतिहास में जो कोई नहीं कर सका, वो मिचेल स्टार्क ने कर दिखाया; बना डाला अटूट विश्व रिकॉर्ड
दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच गकेरबाह (पोर्ट एलिजाबेथ) में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट का एक नया अध्याय लिख दिया है। मुकाबले की पहली पारी में मैथ्यू ब्रीट्जके को मात्र 4 रन पर चलता करने के बाद मंगलवार को स्टार्क ने वियान मुल्डर को आउट करते ही अपने टेस्ट करियर के 450 विकेट पूरे कर लिए।
इसी के साथ वह टेस्ट क्रिकेट के 148 साल लंबे इतिहास में 450 विकेट का आंकड़ा छूने वाले दुनिया के पहले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बन गए हैं। इसके अलावा गेंदों के लिहाज से वह दुनिया के सबसे तेज 450 टेस्ट विकेट चटकाने वाले गेंदबाज भी बन गए हैं, जहां उन्होंने महज 20,577 गेंदों में यह मुकाम हासिल कर अपने ही देश के दिग्गज ग्लेन मैक्ग्रा (23,474 गेंदें) का सर्वकालिक रिकॉर्ड तोड़ दिया।
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में शेन वॉर्न, ग्लेन मैक्ग्रा और नाथन लायन के बाद 450 टेस्ट विकेट लेने वाले स्टार्क चौथे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बने हैं। मैचों के हिसाब से देखा जाए तो 36 वर्षीय स्टार्क ने 109 टेस्ट मुकाबलों में यह उपलब्धि हासिल की है, जिससे वह तेज गेंदबाजों में ग्लेन मैक्ग्रा (100 टेस्ट) के बाद दुनिया के दूसरे सबसे तेज पेसर बन गए हैं। टेस्ट इतिहास में ओवरऑल सबसे तेज 450 विकेट लेने का रिकॉर्ड श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन (80 टेस्ट) के नाम है, जिनके बाद रविचंद्रन अश्विन (89 टेस्ट), अनिल कुंबले (93 टेस्ट), ग्लेन मैक्ग्रा (100 टेस्ट) और शेन वॉर्न (101 टेस्ट) आते हैं। स्टार्क अब तक टेस्ट में 19 बार पारी में 5 विकेट और 4 बार मैच में 10 विकेट हॉल हासिल कर चुके हैं, साथ ही बल्ले से भी 13 अर्धशतक लगाते हुए 2504 रन बना चुके हैं।