Up kiran,Digital Desk : एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव और बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच जापान और ब्रिटेन ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को नया विस्तार दिया है। टोक्यो में हुई उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा मजबूत करने और महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को सुरक्षित व भरोसेमंद बनाने पर सहमति जताई। इस कदम को आर्थिक सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता से जोड़कर देखा जा रहा है।
भू-राजनीतिक झटकों के दौर में नई पहल
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने टोक्यो दौरे के दौरान कहा कि मौजूदा दौर में दुनिया भू-राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी चुनौतियों से गुजर रही है। जापान की नेता साने ताकाइची के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने “साइबर स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप” शुरू करने का फैसला किया है, ताकि डिजिटल खतरों से निपटा जा सके और आर्थिक ढांचे की सुरक्षा की जा सके।
चीन को लेकर जापान की बढ़ती चिंता
जापान हाल के महीनों में चीन के साथ बढ़ते तनाव का सामना कर रहा है। खासकर ताइवान को लेकर संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद को स्वशासित द्वीप बताता है। ऐसे हालात में जापान अपने रक्षा और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में जुटा है।
साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीरता
विशेषज्ञों की ओर से पहले भी जापान की साइबर सुरक्षा क्षमताओं को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, खासकर तब जब देश अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा रहा है और अमेरिका व अन्य सहयोगी देशों के साथ रणनीतिक सहयोग गहरा रहा है। नई साझेदारी का मकसद डिजिटल हमलों से बचाव, संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को मजबूत करना है।
महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई पर जोर
साने ताकाइची ने कहा कि वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर बढ़ती पाबंदियों के बीच समान सोच वाले देशों के लिए मिलकर काम करना जरूरी हो गया है। रेयर अर्थ तत्व जैसे खनिज आर्थिक विकास और सैन्य क्षमता के लिए अहम माने जाते हैं। जापान और ब्रिटेन ने इनकी सप्लाई चेन को विविध, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने पर सहमति जताई है।
इंडो-पैसिफिक में साझेदारी का विस्तार
जापान का प्रमुख संधि सहयोगी अमेरिका है, लेकिन क्षेत्र में अनिश्चितता के माहौल को देखते हुए वह ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों के साथ भी रिश्ते मजबूत कर रहा है। बैठक में मुक्त और भरोसेमंद बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था को समर्थन देने, ट्रांस-पैसिफिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और यूरोपीय संघ के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। दोनों नेताओं ने भरोसा जताया कि जापान-ब्रिटेन संबंध आने वाले वर्षों में और मजबूत होंगे।




