UP में बनेगा नया 6-लेन हाईवे, इन जिलों में रहने वाले लोगों की की खुली किस्मत

UP में बनेगा नया 6-लेन हाईवे, इन जिलों में रहने वाले लोगों की की खुली किस्मत

उत्तर प्रदेश में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और सीमावर्ती इलाकों में आवागमन को रफ्तार देने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर बड़ा कदम उठाया गया है। बाराबंकी से बहराइच के बीच 101.51 किलोमीटर लंबा अत्याधुनिक छह लेन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-927) तैयार किया जाएगा। कुल 6,969.04 करोड़ रुपये की लागत वाली इस विशाल सड़क परियोजना के धरातल पर उतरने से दोनों जिलों के बीच लगने वाले समय में भारी कमी आएगी, साथ ही माल ढुलाई और आर्थिक गतिविधियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत पूरा किया जाएगा। सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से यह हाईवे बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह नेपालगंज सीमा के जरिए भारत और नेपाल के बीच होने वाले द्विपक्षीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सीधी और सुगम कनेक्टिविटी देगा। इससे न केवल उत्तर प्रदेश के प्रमुख आर्थिक केंद्र और लॉजिस्टिक हब आपस में जुड़ेंगे, बल्कि क्षेत्रीय बाजार को सीमा पार तक सीधा विस्तार मिल सकेगा।

परियोजना के वित्तीय ढांचे के तहत कुल बजट में से मुख्य सड़क निर्माण कार्यों पर 3,485.49 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि किसानों और भूस्वामियों से आवश्यक भूमि के अधिग्रहण के लिए 1,574.85 करोड़ रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त वन विभाग की लगभग 70 हेक्टेयर भूमि के उपयोग, मुआवजे और पर्यावरण संतुलन के कार्यों पर अलग से बजट व्यय होगा। पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन करते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्माण के दौरान वन क्षेत्र के जो पेड़ काटे जाएंगे, उनकी भरपाई के लिए दस गुना नए पौधे रोपे जाएंगे; वर्तमान में इस दायरे में करीब 35 हजार पेड़-पौधे चिह्नित हैं जिनमें लगभग 9,300 पूर्ण विकसित पेड़ शामिल हैं।

इन जिलों को होगा फायदा

इस 6-लेन ग्रीनफील्ड/ब्राउनफील्ड हाईवे के निर्माण से बाराबंकी, रामनगर, जरवल और बहराइच जैसे कस्बों और ग्रामीण अंचलों में जाम की गंभीर समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। स्थानीय किसानों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को जहां सुरक्षित व निर्बाध सफर का लाभ मिलेगा, वहीं नए उद्योगों और वेयरहाउसिंग सेक्टर के पनपने से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। फिलहाल भूमि अधिग्रहण और टेंडर से जुड़ी अग्रिम प्रक्रियाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जिसके बाद निर्माण एजेंसी और कार्य पूरा होने की आधिकारिक समय-सीमा का अंतिम शेड्यूल तय किया जाएगा।