अखिलेश के 'PDA' दांव से BJP में खलबली! पूर्व सांसद समेत कई दिग्गज नेताओं ने पकड़ी साइकिल की राह

अखिलेश के 'PDA' दांव से BJP में खलबली! पूर्व सांसद समेत कई दिग्गज नेताओं ने पकड़ी साइकिल की राह

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को फतह करने के लिए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को धार देना शुरू कर दिया है। लखनऊ में मंगलवार को अखिलेश के इस मास्टरस्ट्रोक ने बीजेपी खेमे में बड़ी हलचल मचा दी, जब आंवला से पूर्व भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप और उनकी बेटी कीर्ति कश्यप ने साइकिल की सवारी चुन ली। 

हालिया राज्यसभा इलेक्शन में टिकट कटने से नाराज चल रहे कश्यप के सपा में आने से बरेली और पूरे रुहेलखंड में पार्टी का कुनबा बेहद मजबूत हुआ है और अखिलेश यादव ने मंच से ही कीर्ति कश्यप को आगामी विधानसभा इलेक्शन लड़ाने का बड़ा ऐलान भी कर दिया। सपा प्रमुख की नजर सीधे तौर पर उन गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वोटरों पर है, जिन्हें अब तक बीजेपी का पक्का कोर वोटर माना जाता रहा है। 

इसी रणनीति के तहत मोहनलालगंज से चुनाव लड़ चुके पूर्व आईएएस और बसपा-भाजपा का हिस्सा रहे राम बहादुर पासी को भी सपा में शामिल किया गया है। इसके साथ ही पश्चिमी यूपी में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ाते हुए मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर 2024 में संजीव बालियान की हार का बड़ा कारण बने बसपा के पूर्व नेता दारा सिंह प्रजापति ने भी लाल टोपी पहन ली है। 

राष्ट्रीय प्रजापति महासभा के नेता होने के कारण उनके आने से सपा को बड़ा सियासी लाभ मिलना तय माना जा रहा है। वहीं, सैंथवार समाज से आने वाले पूर्व बीजेपी विधायक कुशाग्र सागर के सपा में आने से यह साफ हो गया है कि अखिलेश यादव कांटे की टक्कर वाली सीटों पर अपनी चुनावी बिसात बिछा चुके हैं और आने वाले दिनों में यूपी की सियासत में दल-बदल के कई और बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।