यूपी में सिफारिश का दौर खत्म, खेल कोटे से 470 खिलाड़ियों को मिली सीधी खाकी; सीएम योगी ने गिनाए बदलाव

यूपी में सिफारिश का दौर खत्म, खेल कोटे से 470 खिलाड़ियों को मिली सीधी खाकी; सीएम योगी ने गिनाए बदलाव

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्रशासनिक सुधारों और रोजगार सृजन के क्षेत्र में कई बड़े और क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व निर्णय लेते हुए प्रदेश के 470 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पुलिस विभाग में सीधी भर्ती के जरिए 'खाकी' यानी सरकारी नौकरी का तोहफा दिया है। एक समय था जब सरकारी नौकरियों और विशेषकर पुलिस बल में चयन के लिए सिफारिशों, घूसखोरी और राजनीतिक रसूख का बोलबाला हुआ करता था, जिसके कारण प्रतिभावान युवा ठगा सा महसूस करते थे और अपनी खेल प्रतिभा के दम पर भी उचित मुकाम हासिल नहीं कर पाते थे। लेकिन वर्तमान सरकार ने इस पुरानी और भ्रष्ट व्यवस्था को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करते हुए योग्यता आधारित पारदर्शी चयन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है, जिसके परिणामस्वरूप आज प्रदेश के दूर-दराज के गांवों और कस्बों से निकलने वाले सामान्य परिवार के होनहार खिलाड़ी भी बिना किसी सिफारिश के अपनी मेहनत के दम पर पुलिस सेवा में उच्च पदों और आरक्षित कोटे के माध्यम से चयनित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान: साल 2017 के बाद से प्रशासनिक और चयन प्रणाली में आया आमूल-चूल बदलाव

इस ऐतिहासिक नियुक्ति पत्र वितरण समारोह या उच्च स्तरीय कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्ष 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश की तस्वीर और तकदीर दोनों में भारी बदलाव आया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पहले की सरकारों के कार्यकाल में चयन प्रक्रियाओं में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार इस हद तक हावी था कि खेल और खिलाड़ियों की उपेक्षा की जाती थी, जिससे युवाओं का मनोबल टूट जाता था। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही सबसे पहले यह संकल्प लिया था कि प्रदेश के युवाओं की मेधा और उनके पसीने का पूरा सम्मान किया जाएगा, और खेल कोटे के पदों को केवल और केवल पारदर्शी तरीके से भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि आज जब 470 खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश पुलिस बल में सीधी भर्ती के तहत खाकी वर्दी पहनने का अवसर मिला है, तो यह इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि राज्य में अब सिफारिश का युग समाप्त हो चुका है और टैलेंट यानी हुनर ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बन चुका है। सरकार के इस दूरदर्शी दृष्टिकोण ने न केवल खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया है, बल्कि युवाओं का शासन और प्रशासन पर भरोसा भी कई गुना बढ़ा दिया है।

देश और दुनिया में यूपी का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों के द्वार खुले

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा खेल और खिलाड़ियों के हित में उठाए गए इन कदमों का ही परिणाम है कि आज राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का तिरंगा शान से फहरा रहे हैं। ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेलों और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को न केवल नगद पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें सरकारी सेवाओं में सुरक्षित भविष्य भी प्रदान किया जा रहा है ताकि वे आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर पूरी तरह से अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें। इन 470 खिलाड़ियों को खाकी मिलने से पूरे प्रदेश के युवा वर्ग में भारी उत्साह का माहौल है और वे खेल के मैदानों की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। खेल विशेषज्ञों और विश्लेषकों का भी यही मानना है कि जब किसी राज्य में खिलाड़ियों को इस प्रकार का संरक्षण और सम्मान मिलता है, तो वहां की युवा पीढ़ी अपराध और नकारात्मकता से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है। इस प्रकार, उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय केवल एक रोजगार देने का मामला नहीं है, बल्कि यह एक स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की दिशा में उठाया गया मील का पत्थर साबित हो रहा है, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है।