UP Election 2027: चुनाव से पहले अखिलेश को तगड़ा झटका, सपा के 3 बागी विधायकों ने थामा BJP का दामन
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात बिछने से पहले ही समाजवादी पार्टी के खेमे में बड़ी सेंध लग गई है। लंबे समय से बगावती तेवर दिखा रहे सपा के तीन कद्दावर विधायकों ने बुधवार को औपचारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।
भगवा खेमे में शामिल होने वाले इन जनप्रतिनिधियों में अमेठी की गौरीगंज सीट से तीन बार के विधायक राकेश प्रताप सिंह, अयोध्या की गोसाईगंज सीट से विधायक अभय सिंह और जालौन की कालपी विधानसभा सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी शामिल हैं। अमेठी के गौरीगंज स्थित विधायक राकेश प्रताप सिंह के आवास 'मंगलम' के सामने आयोजित विशाल जनसभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, मंत्री दारा सिंह चौहान और पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य की मौजूदगी में इन नेताओं ने मंच से भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।
पार्टी प्रवेश के बाद मीडिया से बातचीत में राकेश प्रताप सिंह ने साफ किया कि उन्होंने यह फैसला अपने क्षेत्र की जनता और समर्थकों की मांग पर लिया है। उन्होंने दावा किया कि बूथ स्तर पर चुनाव जिताने वाले लगभग 98 प्रतिशत स्थानीय कार्यकर्ता और करीब एक हजार वर्तमान व पूर्व जनप्रतिनिधि सपा का साथ छोड़कर भाजपा में आ रहे हैं।
इस सियासी उलटफेर की जमीन पिछले तीन वर्षों में तैयार हुई थी, जब रामचरितमानस और सनातन आस्था से जुड़े विषयों पर स्वामी प्रसाद मौर्य की बयानबाजी का राकेश सिंह ने खुलकर विरोध किया था। इसके बाद सपा आलाकमान से उनकी दूरियां बढ़ती गईं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने सपा लाइन से हटकर स्मृति ईरानी के पक्ष में खुलकर प्रचार किया था और गौरीगंज से अयोध्या तक पदयात्रा भी निकाली थी। सपा द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किए जाने के बाद अब तीनों नेताओं ने 'राष्ट्र और राम' के नाम पर भाजपा के साथ नई राजनीतिक पारी की आधिकारिक शुरुआत कर दी है।