बंतोली का पुल एक तरफ झुका, सिरोबगड़ में मलबा ही मलबा; रुद्रप्रयाग में हालात बिगड़े
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जारी अनवरत बारिश ने रुद्रप्रयाग जनपद में भारी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। लगातार हो रहे भूस्खलन और बारिश के चलते बंतोली में बना एक महत्वपूर्ण लकड़ी का पुल एक ओर तिरछा होकर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है, जिससे उसके भरभराकर गिरने का अंदेशा गहरा गया है। वहीं दूसरी ओर, बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे के संवेदनशील क्षेत्र सिरोबगड़ और खांकरा में पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिरने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का पहिया पूरी तरह थम गया है।
बंतोली में लकड़ी का पुल झुका, बड़ा हादसा टला
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 8:10 बजे बंतोली क्षेत्र में स्थित लकड़ी के पुल के एक तरफ खतरनाक तरीके से झुकने की सूचना मिली। पुल की जर्जर और तिरछी हालत को देखते हुए किसी भी बड़े जान-माल के नुकसान की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने तुरंत आवाजाही रोक दी है और संबंधित कार्यदायी संस्था व लोक निर्माण विभाग को तत्काल मरम्मत व आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
सिरोबगड़ और खांकरा के पास हाईवे पर मलबा, मशीनें तैनात
सुबह 9:39 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोबगड़ और हिलांश होटल (खांकरा) के पास भारी भूस्खलन होने से सड़क पर मलबे का विशाल ढेर लग गया। सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने जेसीबी और भारी मशीनरी को मौके पर उतारकर मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। हालांकि, रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण लगातार गिरते पत्थर राहत व बहाली कार्य में बड़ी बाधा बन रहे हैं।
72 मिमी तक बरसे बादल, नदियां उफान पर और श्रीनगर में रोके गए यात्री
जिले के अलग-अलग हिस्सों में रविवार सुबह से ही मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जखोली में सर्वाधिक 72 मिलीमीटर और ऊखीमठ में 65 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अत्यधिक बारिश के चलते अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़कर चेतावनी स्तर के मुहाने तक पहुंच गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सिरोबगड़ के डेंजर जोन में लगातार मलबा आने के कारण यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। श्रीनगर में ही केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं और मुसाफिरों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। जब तक हाईवे पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू नहीं हो जाता, किसी भी वाहन को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
27 सितंबर तक केदारनाथ यात्रा पूरी तरह स्थगित
मौसम विज्ञान केंद्र की भारी बारिश की पूर्व चेतावनी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 26 सितंबर की दोपहर से ही केदारनाथ धाम की यात्रा को 27 सितंबर तक के लिए एहतियातन स्थगित कर रखा है। जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी न होने पर पहाड़ों की यात्रा करने से बचें और मौसम विभाग व आपदा कंट्रोल रूम के आधिकारिक निर्देशों का पालन करते हुए पूरी तरह सतर्क रहें।