बनबसा में हनुमान चौक का ऐलान, सीएम धामी ने 11 फीट ऊंची प्रतिमा का किया अनावरण
उत्तराखंड के सीमांत और ऐतिहासिक कस्बे बनबसा में आस्था, भक्ति और आधुनिक विकास का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक भव्य समारोह के दौरान बनबसा में नवनिर्मित 'हनुमान चौक' का आधिकारिक ऐलान करते हुए संकटमोचन भगवान हनुमान की 11 फीट ऊंची भव्य और आकर्षक प्रतिमा का विधि-विधान से अनावरण किया। इस धार्मिक और ऐतिहासिक अवसर पर बनबसा क्षेत्र का पूरा वातावरण 'जय बजरंगबली' के जयकारों से गूंज उठा और दूर-दूर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और साधु-संतों ने इस पल को अपने कैमरों और दिलों में हमेशा के लिए कैद कर लिया। मुख्यमंत्री धामी ने इस मौके पर कहा कि भगवान हनुमान शक्ति, साहस, निष्ठा और सेवा के प्रतीक हैं, और सीमांत क्षेत्र में उनकी इतनी विशाल प्रतिमा स्थापित होना पूरे क्षेत्र के लिए सौभाग्य और गर्व की बात है।
भव्य हनुमान चौक का निर्माण: आस्था और सांस्कृतिक पहचान का नया केंद्र
बनबसा के मुख्य चौराहे पर स्थापित की गई भगवान हनुमान की यह 11 फीट ऊंची प्रतिमा अपनी कलात्मक और शिल्पकारी के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस चौक के निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य स्थानीय प्रशासन और जनसहयोग से बेहद कम समय में पूरा किया गया है। हनुमान चौक के बन जाने से अब यह क्षेत्र न केवल एक साधारण व्यापारिक और मार्ग बिंदु रहेगा, बल्कि यह कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों में भी शुमार हो जाएगा। उत्तराखंड आने वाले पर्यटक और नेपाल सीमा से आवागमन करने वाले श्रद्धालु अब इस भव्य प्रतिमा के दर्शन कर अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्थाएं ही हमारी असली ताकत हैं, और सरकार इनका संरक्षण तथा संवर्धन करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार: बनबसा और चंपावत के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ-साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा और आसपास के सीमांत इलाकों के चहुंमुखी विकास के लिए कई महत्वपूर्ण बुनियादी परियोजनाओं की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार सीमांत क्षेत्रों में सड़क संपर्क, आधुनिक स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता और यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार कार्य कर रही है। बनबसा को एक आदर्श और सुंदर कस्बे के रूप में विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा चुका है, जिसके तहत आने वाले दिनों में और भी कई सौगातें क्षेत्र की जनता को मिलने वाली हैं। स्थानीय व्यापारियों और युवाओं ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि हनुमान चौक के बनने और आसपास के विकास कार्यों से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों और पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
'आदर्श उत्तराखंड' और सनातन संस्कृति का प्रचार: मुख्यमंत्री का दूरदर्शी विजन
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि डबल इंजन सरकार राज्य के हर कोने में विकास की किरण पहुंचाने के साथ-साथ हमारी प्राचीन संस्कृति, परंपराओं और धरोहरों को सहेजने का कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भगवान हनुमान के जीवन से प्रेरणा लेकर देश और समाज की सेवा में अपना योगदान दें। अनुशासन, सेवा भाव और अटूट संकल्प के मार्ग पर चलकर ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सपना साकार किया जा सकता है। हनुमान चौक के इस भव्य अनावरण समारोह ने यह साबित कर दिया है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए किस प्रकार विकास और आस्था का बेहतरीन तालमेल बिठाया जा सकता है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता में भारी उत्साह, ऐतिहासिक दिन के रूप में दर्ज हुआ यह पल
बनबसा के इतिहास में यह दिन एक अत्यंत गौरवशाली और ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज हो गया है। स्थानीय निवासियों, महिलाओं और बुजुर्गों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस पावन कार्य के लिए धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। हनुमान चौक पर दीप प्रज्वलन और महाआरती के साथ इस कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी बेहतरीन इंतजाम किए थे। इस भव्य आयोजन ने न केवल बनबसा की पहचान को एक नई ऊंचाई दी है, बल्कि पूरे उत्तराखंड में