घर में जिसे बुलाया प्लंबर, वो निकला 5 मुकदमों वाला खूंखार दरिंदा! बुजुर्ग दंपती और नौकरानी की दर्दनाक मौत
देहरादून के पॉश तपोवन क्षेत्र में महज 300 रुपये के विवाद में हुए दिल दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विष्णुलोक कॉलोनी में बुजुर्ग दंपती और उनकी घरेलू सहायिका की पेचकस घोंपकर हत्या करने वाला प्लंबर राजकुमार कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि शातिर आदतन अपराधी निकला। पुलिस हिरासत में आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगालने पर पता चला कि उसके खिलाफ पहले से ही लूट, झपटमारी और अवैध हथियार रखने जैसे पांच संगीन मामले दर्ज थे। शहर के तीन अलग-अलग थानों में आपराधिक रिकॉर्ड होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहा था, जिससे स्थानीय पुलिस की खुफिया निगरानी और सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वारदात मंगलवार को उस वक्त हुई जब बिजनौर के किरतपुर का मूल निवासी प्लंबर राजकुमार कपूर परिवार के आवास पर काम करने पहुंचा था। मामूली रकम के विवाद में उसने आयुध निर्माणी (OFD) से सेवानिवृत्त रमेश कपूर (80), उनकी पत्नी रजनी (75) और सहायिका तिलया देवी उर्फ शीला (48) पर पेचकस से ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार, पुलिस घटना से जुड़े सभी फॉरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य तेजी से जुटा रही है। मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल चलाने की अपील की जाएगी ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
जांच में पुलिस व्यवस्था की दोहरी विफलता भी उजागर हुई है। पिछले तीन साल से देहरादून में रह रहे राजकुमार के खिलाफ चोरी, छिनैती और आर्म्स एक्ट के पांच मुकदमे दर्ज होने के बावजूद न तो उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई और न ही उस पर कोई नियमित निगरानी रखी गई। वह हर बार जेल से छूटने के बाद प्लंबर या मजदूरी का काम शुरू करता और मौका मिलते ही नई वारदातों को अंजाम देने लगता था। निगरानी के अभाव में वह आसानी से घरों में दाखिल होता रहा और किसी को उसके खौफनाक अतीत की भनक तक नहीं लगी।
मामले में दूसरी बड़ी प्रशासनिक लापरवाही किरायेदार सत्यापन को लेकर सामने आई है। आरोपी शहर कोतवाली क्षेत्र के इंदिरा नगर में किराए का कमरा लेकर रह रहा था, लेकिन उसके मकान मालिक ने पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था। एसपी देहात जया बलोनी ने स्पष्ट किया है कि किरायेदार का अनिवार्य सत्यापन न कराने के एवज में संबंधित मकान मालिक के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत सख्त चालानी कार्रवाई की जा रही है।