साल में सिर्फ 30 दिन मिलता है ये 'जादुई फल', ऋषिकेश में खरीदने के लिए विदेशी सैलानियों की लगी होड़

साल में सिर्फ 30 दिन मिलता है ये 'जादुई फल', ऋषिकेश में खरीदने के लिए विदेशी सैलानियों की लगी होड़

ऋषिकेश के जानकी झूला और स्वर्गाश्रम क्षेत्र में फल की दुकान चलाने वाली स्थानीय विक्रेता राधा बताती हैं कि पर्सिमन की आवक बेहद सीमित समय के लिए होती है। यह फल पूरे साल में केवल एक महीने ही बाजार में उपलब्ध रहता है, जिसके चलते इसकी मांग काफी ज्यादा है। बाजार में पर्सिमन की अलग-अलग किस्में देखने को मिलती हैं; पूरी तरह गोल किस्म का स्वाद हल्का कसैला या कड़वा हो सकता है, जबकि चपटे-गोल आकार वाली किस्म खाने में बेहद मीठी और गूदेदार होती है, जिसकी खरीदारी सबसे ज्यादा की जा रही है। वर्तमान में स्थानीय बाजार में यह फल 250 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है, जबकि खुदरा में एक पीस की कीमत 50 से 60 रुपये तक पहुंच रही है।

स्वर्गाश्रम घूमने आए खरीदार अंकित का कहना है कि जानकी सेतु के पास लगने वाली दुकानों पर इस विदेशी फल को भारतीय ग्राहकों की तुलना में विदेशी सैलानी कहीं अधिक पसंद कर रहे हैं। भारत में इस फल के बारे में अभी जागरूकता कम है, लेकिन जो लोग इसके औषधीय गुणों और स्वाद से परिचित हैं, वे इसे जरूर खरीद रहे हैं। देखने में आकर्षक होने के साथ-साथ इसका स्वाद पारंपरिक फलों से बिल्कुल अलग और मखमली मिठास लिए होता है।

स्वाद के अलावा यह फल न्यूट्रिशन का पावरहाउस माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पर्सिमन में विटामिन ए और विटामिन सी की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो आंखों की रोशनी सुधारने और बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत बनाने में काफी मददगार साबित होती है। इसके अलावा इसमें मौजूद उच्च डायटरी फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखकर पेट साफ रखने में मदद करता है। इस फल में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाकर लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने का काम करते हैं।