मक्का-मदीना पर मिसाइल हमले की कोशिश! सऊदी अरब के दावे से पूरी दुनिया के मुसलमानों में आक्रोश!

मक्का-मदीना पर मिसाइल हमले की कोशिश! सऊदी अरब के दावे से पूरी दुनिया के मुसलमानों में आक्रोश!

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने शनिवार को उस वक्त बेहद गंभीर मोड़ ले लिया जब सऊदी अरब ने यमन के विद्रोही संगठन हूतियों पर इस्लाम के सबसे मुकद्दस शहरों मक्का और मदीना को निशाना बनाने का आरोप लगाया। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, हूथी मिलिशिया ने दोनों पवित्र शहरों की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिन्हें मुस्तैद सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। सऊदी सिविल डिफेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि मिसाइलों के इंटरसेप्शन के बाद हवा से गिरे मलबे की वजह से कुछ रिहायशी इमारतों को आंशिक नुकसान पहुंचा है, जहां राहत टीमें तुरंत तैनात कर दी गईं।

दूसरी तरफ, हूतियों ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने के सऊदी दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद झूठ करार दिया है। हूथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि उनके निशाने पर कभी भी पवित्र स्थल नहीं रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सऊदी अरब के भीतर कई अन्य रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले करने की जिम्मेदारी स्वीकार की। हूतियों का कहना है कि उन्होंने राजधानी रियाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित तीन हवाई अड्डों, प्रमुख ऊर्जा संयंत्रों, तेल पाइपलाइन और एक एयर बेस पर सटीक स्ट्राइक की है।

हवाई हमलों के बढ़ते खतरे के बीच बंद किए गए रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार, 25 अक्टूबर, 2026 से सीमित स्तर पर उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू किया जा रहा है। एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा जारी एडवाइजरी के मुताबिक, टर्मिनल 1 को घरेलू उड़ानों और टर्मिनल 2 को राष्ट्रीय एयरलाइंस की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने सभी मुसाफिरों को हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइनों से फ्लाइट का लाइव स्टेटस जांचने की सख्त हिदायत दी है।

गौरतलब है कि इसी महीने रियाद एयरपोर्ट पर हुए भीषण हमले में 13 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा प्रोटोकॉल कड़े कर दिए गए थे। गंभीर होते सुरक्षा संकट के मद्देनजर अमेरिका भी सऊदी अरब में मौजूद अपने गैर-जरूरी दूतावास कर्मियों और उनके परिवारों को सुरक्षित स्वदेश लौटने का निर्देश जारी कर चुका है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन 2015 से यमन में हूतियों के खिलाफ अभियान चला रहा है। पिछले महीने हूतियों द्वारा लाल सागर तट पर तेजी से नियंत्रण स्थापित करने के बाद से यह संघर्ष समुद्री व्यापार और वैश्विक कच्चे तेल के बाजारों के लिए एक बड़ा संकट बन चुका है।