China Spy Row: Trump ने खुलेआम माना- अमेरिका भी करता है चीन की जासूसी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और जासूसी को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बेबाक बयान दिया है। सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने साफ लफ्जों में स्वीकार किया कि चीन लगातार अमेरिका की जासूसी करता है और ठीक उसी तरह अमेरिका भी चीन की जासूसी करता है।
ट्रंप ने आगे स्पष्ट किया कि जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे, तब वे उनके साथ द्विपक्षीय संबंधों, सुरक्षा और जासूसी सहित लगभग हर अहम पहलू पर आमने-सामने विस्तृत चर्चा करेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप के इस खुले कबूलनामे ने वैश्विक स्तर पर बीजिंग और वाशिंगटन के बीच चलने वाले खुफिया टकराव को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।
साल 2028 के राष्ट्रपति चुनाव पर बोले ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पर सस्पेंस बरकरार
चीन के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति ने देश के आगामी सियासी भविष्य और साल 2028 में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। जब संवाददाताओं ने उनसे पूछा कि क्या वे 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में मौजूदा उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की उम्मीदवारी का समर्थन करेंगे, तो ट्रंप ने इस पर सीधा जवाब देने से परहेज किया।
उन्होंने कहा कि उस चुनाव में अभी काफी वक्त बाकी है और रिपब्लिकन पार्टी के पास कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं, जो सभी बेहद सक्षम हैं। गौरतलब है कि राजनीतिक गलियारों में 2028 के रिपब्लिकन राष्ट्रपति उम्मीदवार की दौड़ में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो का नाम सबसे आगे माना जा रहा है।
कनाडा के साथ डील करना सबसे टेढ़ा काम, मिडिल ईस्ट पर भी दो टूक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आयरलैंड के अपने आधिकारिक दौरे को समाप्त कर जब अपने विशेष विमान 'एयर फोर्स वन' पर सवार हो रहे थे, तभी उन्होंने वैश्विक मुद्दों पर पत्रकारों से यह बातचीत की। सीमावर्ती पड़ोसी मुल्क कनाडा के साथ जारी व्यापारिक गतिरोध पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि कनाडा के साथ किसी भी समझौते या डील पर पहुंचना सबसे मुश्किल काम साबित होता है, लेकिन हकीकत यह भी है कि वे अमेरिका के साथ डील करने के लिए बहुत अधिक बेताब हैं।
व्यापार और टैरिफ नीतियों को लेकर बीते कुछ समय से अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में लगातार तल्खी देखी जा रही है। वहीं मिडिल ईस्ट यानी पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें इस बात की बिल्कुल भी परवाह नहीं है कि खाड़ी के अन्य देश ईरान के साथ अपने संबंध बढ़ा रहे हैं या उससे मिल रहे हैं।