Beef विवाद में गिरफ्तार हुईं भारतीय मूल की सिख मकान मालकिन ने तोड़ी चुप्पी, बताई पूरी कहानी
कनाडा में किराएदार के साथ बीफ पकाने को लेकर हुए विवाद के बाद चर्चा में आईं भारतीय मूल की सिख मकान मालकिन राज तिवाना पुलिस हिरासत से रिहा हो चुकी हैं। सोशल मीडिया पर उनकी गिरफ्तारी और तीखी बहस के कई वीडियो तेजी से वायरल हुए थे, जिसमें कनाडाई किराएदार ने उन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। अब राज तिवाना ने खुद एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी चुप्पी तोड़ी है और पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी साझा की है।
वायरल वीडियो पर बयान: क्या थी पुलिस कार्रवाई की सच्चाई
इंस्टाग्राम पर पंजाबी में साझा किए गए वीडियो बयान में राज तिवाना ने कहा कि पुलिस उन्हें कस्टडी में जरूर ले गई थी, लेकिन पूछताछ के तुरंत बाद उन्हें घर छोड़ दिया गया था। उन्होंने बताया कि वायरल हो रही क्लिप करीब 10 दिन पुरानी है, जिसे जानबूझकर सोशल मीडिया पर देर से साझा करके गलत माहौल बनाया गया। इस विवाद की वजह से उनके कारोबार और निजी संपर्कों पर असर पड़ा, लेकिन मुश्किल वक्त में साथ खड़े रहने के लिए उन्होंने अपने करीब 300 समर्थकों और पुराने ग्राहकों का आभार जताया जो उनसे मिलने उनके घर पहुंचे थे।
किराएदार पर गंभीर आरोप: कई महीनों का किराया बकाया और घर में तोड़फोड़
राज तिवाना ने स्पष्ट किया कि मुख्य विवाद सिर्फ बीफ बनाने तक सीमित नहीं था, बल्कि मामला लंबे समय से चल रही धोखाधड़ी का था। उन्होंने आरोप लगाया कि किराएदार पिछले कई महीनों से मकान का किराया नहीं दे रहे थे, लगातार संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे और उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मामला पहले से ही स्थानीय टेनेंसी बोर्ड के विचाराधीन था और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पिछले हफ्ते ही संबंधित किराएदारों को कानूनी तौर पर घर से बेदखल किया गया था।
बदले की नीयत से वीडियो वायरल करने का दावा, कानूनी लड़ाई जारी
मकान मालकिन के मुताबिक घर से निकाले जाने के बाद किराएदारों ने दुर्भावना से ग्रसित होकर विवाद के चुनिंदा वीडियो इंटरनेट पर लीक कर दिए ताकि उनकी छवि खराब की जा सके। तिवाना ने अपने समर्थकों को आश्वस्त किया कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके वकील, पुलिस विभाग व टेनेंसी बोर्ड मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। उन्होंने कानूनी प्रक्रिया पर पूरा भरोसा जताते हुए शांतिपूर्ण समाधान की बात कही है।