OpenAI के दफ्तर में 'जासूसी' का खेल, सऊदी मुस्लिम इंजीनियर पहुंचा जेल, टीवी में लगाया रिकॉर्डिंग डिवाइस

OpenAI के दफ्तर में 'जासूसी' का खेल, सऊदी मुस्लिम इंजीनियर पहुंचा जेल, टीवी में लगाया रिकॉर्डिंग डिवाइस

सिलिकॉन वैली और वैश्विक टेक जगत में उस समय हड़कंप मच गया जब दुनिया की सबसे चर्चित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी OpenAI के सैन फ्रांसिस्को स्थित मुख्यालय में जासूसी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसी क्रांतिकारी तकनीकों को विकसित करने वाले इस बहुचर्चित दफ्तर के भीतर सुरक्षा में सेंध लगाने की साजिश रची जा रही थी। एफबीआई और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई के बाद एक सऊदी मूल के मुस्लिम इंजीनियर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आरोपी इंजीनियर पर कंपनी के गोपनीय सम्मेलनों, बैठकों और रिसर्च डेटा की चोरी करने के उद्देश्य से मुख्य कॉन्फ्रेंस रूम के स्मार्ट टीवी में एक हिडन ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस फिट करने का संगीन आरोप लगा है। इस घटना ने पूरे सैन फ्रांसिस्को टेक हब और अमेरिकी खुफिया तंत्र में खलबली मचा दी है, क्योंकि OpenAI केवल एक टेक कंपनी नहीं बल्कि अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक एआई प्रभुत्व का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र मानी जाती है।

टीवी में छुपाया गया था सीक्रेट चिप: कैसे खुली सऊदी इंजीनियर के जासूसी नेटवर्क की पोल?

सैन फ्रांसिस्को के मिशन डिस्ट्रिक्ट स्थित OpenAI के मुख्य कार्यालय में रोजाना की तरह हाई-लेवल रिसर्च मीटिंग्स और गोपनीय डेटा पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान नियमित आईटी सुरक्षा ऑडिट और बग स्वैपिंग जांच के दौरान सुरक्षा अधिकारियों को कॉन्फ्रेंस रूम के मुख्य 8K डिस्प्ले टीवी के फ्रेम में एक असामान्य इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल मिला। जब गहराई से भौतिक जांच की गई, तो सुरक्षा टीम के होश उड़ गए। स्मार्ट टीवी के पीछे एक आधुनिक माइक्रो रिकॉर्डिंग चिप और ट्रांसमीटर डिवाइस बहुत ही शातिराना तरीके से छिपाकर लगाया गया था। यह डिवाइस कंपनी के वाई-फाई नेटवर्क से अलग एक गुप्त एनक्रिप्टेड फ्रीक्वेंसी पर बाहरी सर्वर को ऑडियो और विजुअल फीड भेज रहा था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एफबीआई को सूचना दी गई। जांच में सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल एक्सेस कार्ड लॉग्स और बायोमेट्रिक एंट्री डेटा को खंगाला गया, जिससे यह साफ हो गया कि यह काम बाहर के किसी घुसपैठिये का नहीं, बल्कि दफ्तर के ही एक अंदरूनी कर्मचारी का है।

कौन है गिरफ्तार इंजीनियर और क्या थी OpenAI के सीक्रेट डेटा को चुराने की असली मंशा?

गिरफ्तार किया गया आरोपी सऊदी अरब का नागरिक है जो पिछले कुछ वर्षों से अमेरिका में वर्क वीजा पर रहकर बतौर सीनियर सिस्टम्स एंड हार्डवेयर इंजीनियर कार्य कर रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी के पास ऑफिस के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में जाने का वैध पास मौजूद था। शुरुआती पूछताछ और डिजिटल फॉरेंसिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी लंबे समय से OpenAI के अत्याधुनिक भाषा मॉडलों, आगामी एआई प्रोजेक्ट्स और रणनीतिक साझेदारियों से जुड़ी संवेदनशील बैठकों की जासूसी कर रहा था। एफबीआई अब इस पहलू की गहनता से जांच कर रही है कि क्या यह सऊदी इंजीनियर किसी विदेशी खुफिया एजेंसी, किसी प्रतिद्वंद्वी टेक फर्म या फिर किसी अंतरराष्ट्रीय जासूसी सिंडिकेट के लिए काम कर रहा था। अमेरिका की संघीय अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, आरोपी ने दफ्तर की प्राइवेसी का उल्लंघन करने और अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस उपकरण स्थापित करने के गंभीर अपराध स्वीकार किए हैं, जिसके बाद अदालत ने उसे बिना जमानत जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया।

सैन फ्रांसिस्को से वाशिंगटन तक मचा हड़कंप: कॉर्पोरेट जासूसी और नेशनल सिक्योरिटी पर मंडराता खतरा

OpenAI के दफ्तर में हुई इस घुसपैठ ने वाशिंगटन डीसी में बैठे अमेरिकी नीति निर्माताओं और सुरक्षा विशेषज्ञों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ एक बिजनेस प्रोडक्ट नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल जिओपॉलिटिक्स, डिफेंस और साइबर सिक्योरिटी का सबसे मुख्य हथियार बन चुका है। सैन फ्रांसिस्को और कैलिफोर्निया के टेक कॉरिडोर में स्थित कंपनियों पर पहले भी चीनी और रूसी हैकर्स के साइबर हमलों की खबरें आती रही हैं, लेकिन किसी कर्मचारी द्वारा दफ्तर के अंदर जाकर भौतिक रूप से टीवी में सर्विलांस डिवाइस लगाने का यह अपनी तरह का पहला और बेहद खतरनाक मामला है। सिलिकॉन वैली के सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना के बाद केवल OpenAI ही नहीं, बल्कि गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और एंथ्रोपिक जैसी सभी बड़ी टेक कंपनियों को अपने अंदरूनी सुरक्षा प्रोटोकॉल और विदेशी कर्मचारियों के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन को बेहद कड़ा करना पड़ेगा।

OpenAI ने सुरक्षा घेरा किया सख्त: भविष्य में ऐसी साजिशों को रोकने के लिए उठाया बड़ा कदम

इस जासूसी कांड के बेनकाब होने के तुरंत बाद OpenAI के प्रबंधन ने पूरे मुख्यालय को सील करके गहन तलाशी अभियान चलाया। कंपनी के सुरक्षा प्रमुख ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संदिग्ध कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है और उसके सभी डिजिटल एक्सेस ब्लॉक कर दिए गए हैं। कंपनी ने अपने सभी वैश्विक दफ्तरों में काउंटर-सर्विलांस चेकिंग बढ़ा दी है और अब प्रत्येक कॉन्फ्रेंस रूम की दैनिक आधार पर इलेक्ट्रॉनिक स्कैनिंग की जाएगी। इसके अलावा, कर्मचारियों के प्रवेश, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के इस्तेमाल और सर्वर रूम की एक्सेसिबिलिटी के नियमों को नए सिरे से तैयार किया गया है। सैन फ्रांसिस्को पुलिस और एफबीआई की संयुक्त टीम अब आरोपी के निजी लैपटॉप, एनक्रिप्टेड हार्ड ड्राइव्स और बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस जासूसी के बदले उसे कितनी बड़ी रकम दी गई थी और रिकॉर्ड किए गए डेटा को किन-किन विदेशी सर्वरों पर ट्रांसफर किया जा चुका है।