पूरी दुनिया में हड़कंप! ट्रंप ने लूला डा सिल्वा की ऐतिहासिक जीत को बताया 'फर्जी', कह दी ये बड़ी बात
अमेरिका के दिग्गज रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील में हुए हालिया चुनाव नतीजों पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने ऐतिहासिक रूप से चौथी बार राष्ट्रपति पद पर जीत दर्ज की है। उन्होंने इस बेहद करीबी और रोमांचक मुकाबले में राइट-विंग नेता फ्लेवियो बोल्सोनारो को हराया, जो पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के बेटे हैं।
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक लूला को 51.75 प्रतिशत वोट मिले, जबकि फ्लेवियो बोल्सोनारो 48.25 प्रतिशत वोटों के साथ उन्हें कड़ी टक्कर देने में कामयाब रहे। इसी चुनावी नतीजे पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने इसे पूरी तरह से 'धांधली' और 'भ्रष्ट' चुनाव करार दिया है। आयोवा के एंड्रयू में पत्रकारों से बातचीत के दौरान 80 वर्षीय ट्रंप ने बेबाकी से कहा कि ब्राजील के चुनाव अभी भी शक के घेरे में हैं और यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर यह सब कैसे हुआ।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह लूला की जीत का समर्थन नहीं करेंगे। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस चुनाव में किसी का पक्ष नहीं लिया था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया को देखकर उन्हें बहुत बुरा लगा। उनके मुताबिक चुनावों पर कोई सवाल नहीं उठना चाहिए, लेकिन ब्राजील का चुनाव बहुत भ्रष्ट और भयानक लग रहा था। उन्होंने वोटिंग के दौरान दिए गए एक्सटेंशन को भी काफी अजीब बताया।
दिलचस्प बात यह है कि पूर्व में फैक्ट्री वर्कर रहे लेफ्ट-विंग पार्टी (PT) के नेता लूला और ट्रंप हमेशा से एक-दूसरे के मुखर आलोचक रहे हैं। एनालिस्ट्स का भी मानना है कि लूला की जीत ने दक्षिण अमेरिका में चल रही राइट-विंग की लहर पर ब्रेक लगा दिया है। हालांकि, इन राजनीतिक मतभेदों के बावजूद ट्रंप ने यह स्वीकार किया कि व्यक्तिगत तौर पर उनकी लूला के साथ अच्छी बनती है और वह उन्हें पसंद करते हैं, लेकिन चुनाव के तरीके से वह खुश नहीं हैं। वहीं दूसरी तरफ, अपनी ऐतिहासिक जीत से गदगद लूला ने ब्राजील की जनता का शुक्रिया अदा किया है। अपनी जीत की स्पीच में उन्होंने कहा कि यह उन लोगों की जीत है जो लड़ते हैं और जो एक न्यायपूर्ण, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक ब्राजील बनाने का सपना कभी नहीं छोड़ते।