यमन में हूती विद्रोहियों का भीषण मिसाइल हमला: 53 सैनिकों की मौत, 200 घायल

यमन में हूती विद्रोहियों का भीषण मिसाइल हमला: 53 सैनिकों की मौत, 200 घायल

यमन के दक्षिणी शबवा प्रांत में सोमवार को एक सैन्य शिविर पर हुए विध्वंसक बैलिस्टिक मिसाइल हमले ने पूरे मध्य पूर्व में भारी हलचल पैदा कर दी है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा नए रंगरूटों के प्रशिक्षण केंद्र को निशाना बनाकर किए गए इस सीधे हमले में कम से कम 53 सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 200 से अधिक जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। शबवा की प्रांतीय सरकार और यमनी सेना ने पुष्टि की है कि घायलों की नाजुक हालत को देखते हुए मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। यमन की सत्तारूढ़ प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने इस वारदात को कायरतापूर्ण साजिश करार देते हुए इसका मुंहतोड़ जवाब देने का संकल्प दोहराया है। साथ ही स्थानीय प्रशासन ने सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन से क्षेत्र में एयर डिफेंस और अर्ली वॉर्निंग सिस्टम की तत्काल तैनाती की मांग की है।

इस हमले की गूंज सीमा पार सऊदी अरब में भी साफ देखी जा रही है। लगातार बढ़ते हूती हमलों और मिसाइल-ड्रोन खतरों के बीच सऊदी अरब ने अगले सप्ताह आयोजित होने वाले अपने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय निवेश सम्मेलन (ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट) को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। इसके अलावा राजधानी रियाद और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कारणों से स्कूलों को बंद कर ऑनलाइन कक्षाओं (रिमोट लर्निंग) की अवधि बढ़ा दी गई है। हालिया हफ्तों में विद्रोहियों ने सऊदी अरब के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, सैन्य अड्डों और सरकारी तेल दिग्गज अरामको के मुख्यालय जैसे रणनीतिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने की कोशिश की है, जिससे खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा और एविएशन सेक्टर में गंभीर चिंता पैदा हो गई है।

ताजा सैन्य टकराव ने वर्ष 2022 में तय हुए युद्धविराम के उन तमाम समझौतों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है, जिन्होंने यमन के लंबे गृहयुद्ध को काफी हद तक थाम रखा था। जमीनी मोर्चे पर भी तनाव चरम पर है; हूती लड़ाकों ने लाल सागर के बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास अपने नियंत्रण वाले दायरे को बढ़ाना शुरू कर दिया है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति और कंटेनर जहाजों की आवाजाही के लिए लाइफलाइन माना जाता है, जहां से जहाजों को खदेड़ने के लिए सऊदी गठबंधन ने बड़ा तटीय सैन्य अभियान छेड़ रखा है। उधर उत्तरी प्रांत सादा में हुए हवाई हमलों को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं, जहां बच्चों और महिलाओं सहित कई नागरिकों के हताहत होने की खबरें हैं।

इस बीच राजनयिक मोर्चे पर भी तनाव बना हुआ है। अमेरिकी विदेश विभाग ने यमन की राजधानी सना में अपने दूतावास के 20 से अधिक स्थानीय कर्मचारियों की तत्काल रिहाई की मांग दोहराई है, जिन्हें हूती विद्रोहियों ने पिछले पांच वर्षों से अपनी हिरासत में ले रखा है। वर्ष 2015 में यमन में सऊदी सैन्य दखल के बाद से शुरू हुआ यह संघर्ष अब एक बड़े क्षेत्रीय प्रॉक्सी वॉर का रूप ले चुका है, जिसने न केवल यमन और सऊदी अरब की आंतरिक सुरक्षा बल्कि लाल सागर के अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रास्तों को भी सीधे निशाने पर ला खड़ा किया है।